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स्यूंणा के ग्रामीण लंबे समय से कर रहे हैं पुल निर्माण की मांग
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जनपद मुख्यालय के निकट स्यूंणा के ग्रामीणों की पुल निर्माण की आस प्रति वर्ष गर्मियों में भागीरथी का जलस्तर बढ़ते ही बह जाती है। ग्रामीणों को हमेशा सर्दियों में जलस्तर घटने पर अस्थायी पुलिया का निर्माण करना पड़ता है। ग्रामीण लंबे समय से भागीरथी नदी पर पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन न तो जनप्रतिनिधि और न ही प्रशासन का ध्यान इस ओर जा रहा है।
जनपद मुख्यालय से मात्र चार किमी की दूरी पर स्थित स्यूंणा के ग्रामीण लंबे समय से भागीरथी नदी पर पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं। गांव में वर्तमान में 30 से 35 परिवार निवास कर रहे हैं। पुल सुविधा न होने से ग्रामीण सड़क मार्ग के बिल्कुल समीप होने के बावजूद 6 से 7 किमी का पैदल सफर तय कर तेखला पुल पहुंचते हैं। सर्दियों में भागीरथी का जलस्तर कम होने पर ग्रामीण गांव के समीप हर वर्ष स्वयं पत्थर, बल्लियों और लकड़ियों के सहारे अस्थायी पुलिया का निर्माण करते हैं, जिससे ग्रामीण मात्र 5 से 7 मिनट में ही सड़क पर पहुंच जाते हैं, लेकिन गर्मियों में नदी का जलस्तर बढ़ते ही पुल बह जाता है और ग्रामीणों को लंबा पैदल सफर तय करना पड़ता है।
ग्राम प्रधान राजेश सेमवाल का कहना है कि वर्ष 2012 से पुल निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन हर बार उन्हें प्रशासन से कभी सड़क निर्माण, मोटर पुल व कभी झूला पुल निर्माण का आश्वासन दिया जाता है। लेकिन धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं होती। महेंद्र, सुरेंद्र प्रताप भट्ट, देवेंद्र का कहना है कि न तो प्रशासन और न ही जनप्रतिनिधि उनकी सुध ले रहे हैं।
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इलेक्ट्रॉनिक ट्रॉली का किया था वादा, लगाई सामान्य ट्रॉली
ग्राम प्रधान राजेश सेमवाल ने बताया कि जिस स्थान पर पुल निर्माण की मांग की जा रही है, वहां पर जिला प्रशासन ने पांच माह पूर्व ट्रॉली लगाई है। इलेक्ट्रानिक ट्रॉली लगाए जाने की बात कही थी, लेकिन बाद में हस्तचालित ट्रॉली लगा दी। जर्जर स्थिति के कारण रस्सी खींचने के दौरान कई ग्रामीणों के हाथ की अंगुलियां भी कट चुकी हैं।
- ग्रामीणों की मांग पर सड़क निर्माण की कार्रवाई गतिमान है। ग्रामीणों के लिए ट्रॉली लगाई गई है। ग्रामीणों ने बताया कि उक्त ट्रॉली से अंगुलिया कटने की घटनाएं हुई हैं। अब जिला योजना से ग्रामीणों के लिए इलेक्ट्रानिक ट्रॉली लगाई जाएगी। - मयूर दीक्षित, डीएम, उत्तरकाशी।
- ग्रामीणों के हर वर्ष अस्थायी पुलिया बनाए जाने की जानकारी है, लेकिन आज तक ग्रामीणों ने कभी मेरे समक्ष इस संबंध में कोई प्रस्ताव नहीं रखा है। यदि ग्राम पंचायत से कोई प्रस्ताव मिलता है तो अवश्य कार्रवाई की जाएगी। - दीपक बिजल्वाण, जिला पंचायत अध्यक्ष, उत्तरकाशी।
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जनपद मुख्यालय से मात्र चार किमी की दूरी पर स्थित स्यूंणा के ग्रामीण लंबे समय से भागीरथी नदी पर पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं। गांव में वर्तमान में 30 से 35 परिवार निवास कर रहे हैं। पुल सुविधा न होने से ग्रामीण सड़क मार्ग के बिल्कुल समीप होने के बावजूद 6 से 7 किमी का पैदल सफर तय कर तेखला पुल पहुंचते हैं। सर्दियों में भागीरथी का जलस्तर कम होने पर ग्रामीण गांव के समीप हर वर्ष स्वयं पत्थर, बल्लियों और लकड़ियों के सहारे अस्थायी पुलिया का निर्माण करते हैं, जिससे ग्रामीण मात्र 5 से 7 मिनट में ही सड़क पर पहुंच जाते हैं, लेकिन गर्मियों में नदी का जलस्तर बढ़ते ही पुल बह जाता है और ग्रामीणों को लंबा पैदल सफर तय करना पड़ता है।
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ग्राम प्रधान राजेश सेमवाल का कहना है कि वर्ष 2012 से पुल निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन हर बार उन्हें प्रशासन से कभी सड़क निर्माण, मोटर पुल व कभी झूला पुल निर्माण का आश्वासन दिया जाता है। लेकिन धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं होती। महेंद्र, सुरेंद्र प्रताप भट्ट, देवेंद्र का कहना है कि न तो प्रशासन और न ही जनप्रतिनिधि उनकी सुध ले रहे हैं।
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इलेक्ट्रॉनिक ट्रॉली का किया था वादा, लगाई सामान्य ट्रॉली
ग्राम प्रधान राजेश सेमवाल ने बताया कि जिस स्थान पर पुल निर्माण की मांग की जा रही है, वहां पर जिला प्रशासन ने पांच माह पूर्व ट्रॉली लगाई है। इलेक्ट्रानिक ट्रॉली लगाए जाने की बात कही थी, लेकिन बाद में हस्तचालित ट्रॉली लगा दी। जर्जर स्थिति के कारण रस्सी खींचने के दौरान कई ग्रामीणों के हाथ की अंगुलियां भी कट चुकी हैं।
- ग्रामीणों की मांग पर सड़क निर्माण की कार्रवाई गतिमान है। ग्रामीणों के लिए ट्रॉली लगाई गई है। ग्रामीणों ने बताया कि उक्त ट्रॉली से अंगुलिया कटने की घटनाएं हुई हैं। अब जिला योजना से ग्रामीणों के लिए इलेक्ट्रानिक ट्रॉली लगाई जाएगी। - मयूर दीक्षित, डीएम, उत्तरकाशी।
- ग्रामीणों के हर वर्ष अस्थायी पुलिया बनाए जाने की जानकारी है, लेकिन आज तक ग्रामीणों ने कभी मेरे समक्ष इस संबंध में कोई प्रस्ताव नहीं रखा है। यदि ग्राम पंचायत से कोई प्रस्ताव मिलता है तो अवश्य कार्रवाई की जाएगी। - दीपक बिजल्वाण, जिला पंचायत अध्यक्ष, उत्तरकाशी।