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Uttarkashi News: जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण के गीतों पर झूमे दर्शक
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माघ मेले की नौवीं सांस्कृतिक संध्या में देर रात तक झूमे लोग
उत्तरकाशी। माघ मेला (बाड़ाहाट कू थौलू) की नौवीं सांस्कृतिक संध्या जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण के नाम रही। प्रीतम के शिव गंगा नयोला देवतों रामगंगा नयोला, सुंदरा छोरी.. आदि गीतों पर दर्शक देर रात तक झूमते रहे। वहीं मंगलवार दिनभर माघ मेले मंच पर भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही।
सोमवार रात को मेले की सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण ने शुभ संध्या गीत से किया। इसके बाद मेरु हिमवंत देश, मेरी भाना प्यारी बचना, मोरी रख्या खोली, सारियों की लवै मंडावाती, बिंदुली, सरुली, तिबारी मा बैठी होली... आदि गीत की सुंदर प्रस्तुति से कार्यक्रम में समा बांधा।
इससे पूर्व लोक गायक अरविंद चौहान एवं अनुराग नौटियाल ने हिंदी, गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी सहित अन्य गानों की प्रस्तुति दी। वहीं मंगलवार को माघ मेले मंच पर लोक गायक अंकित शर्मा, शिवेश कुमार, ममता पंवार, सुखराज अग्निहोत्री, अजीत सेमवाल, किशन बिष्ट, धनंजय नौटियाल, मयूर झांकी ग्रुप, सुमन राणा, धीरज मणी, रमेश्वर सांस्कृतिक कला मंच, जसपाल रावत, आलेंद्र कैंतुरा, ढोल सागर कला, गढ़ सांस्कृतिक सेवा संस्थान व सिद्धेश्वर कला मंच के कलाकारों की प्रस्तुति ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण, जिला पंचायत सदस्य प्रदीप कैंतुरा, मनीष राणा, मनीवर रावत, अरविंद पश्चिमी मौजूद रहे
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माघ मेले के पौराणिक स्वरूप को बरकरार रखने पर दिया जोर
उत्तरकाशी। माघ मेले के दसवें दिन जिला पंचायत की ओर से पत्रकार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में माघ मेले के पौराणिक स्वरूप को बरकरार रखने पर चर्चा हुई।
मंगलवार को जिला सभागार में आयोजित गोष्ठी में गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण और डीएम अभिषेक रूहेला ने सुझावों पर जरूरी कार्रवाई का आश्वासन दिया। गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने कहा कि मेला उत्तरकाशी और तिब्बत व्यापार का साक्षी रहा है। मौजूदा बाजारीकरण के दौर में इसके पौराणिक स्वरूप को बनाए रखना जरूरी है।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि पत्रकारों की ओर से आए सुझावों पर अमल कर भविष्य में माघ मेले को और बेहतर तरीके से आयोजित करने की कोशिश रहेगी। इस मौके पर अपर मुख्याधिकारी मेला बृजेश कुमार तिवारी, जिला पंचायत सदस्य मनीष राणा, प्रदीप कैंतुरा, जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष सुनील थपलियाल, पूर्व अध्यक्ष शिव सिंह थलवाल मौजूद रहे। संवाद
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उत्तरकाशी। माघ मेला (बाड़ाहाट कू थौलू) की नौवीं सांस्कृतिक संध्या जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण के नाम रही। प्रीतम के शिव गंगा नयोला देवतों रामगंगा नयोला, सुंदरा छोरी.. आदि गीतों पर दर्शक देर रात तक झूमते रहे। वहीं मंगलवार दिनभर माघ मेले मंच पर भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही।
सोमवार रात को मेले की सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण ने शुभ संध्या गीत से किया। इसके बाद मेरु हिमवंत देश, मेरी भाना प्यारी बचना, मोरी रख्या खोली, सारियों की लवै मंडावाती, बिंदुली, सरुली, तिबारी मा बैठी होली... आदि गीत की सुंदर प्रस्तुति से कार्यक्रम में समा बांधा।
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इससे पूर्व लोक गायक अरविंद चौहान एवं अनुराग नौटियाल ने हिंदी, गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी सहित अन्य गानों की प्रस्तुति दी। वहीं मंगलवार को माघ मेले मंच पर लोक गायक अंकित शर्मा, शिवेश कुमार, ममता पंवार, सुखराज अग्निहोत्री, अजीत सेमवाल, किशन बिष्ट, धनंजय नौटियाल, मयूर झांकी ग्रुप, सुमन राणा, धीरज मणी, रमेश्वर सांस्कृतिक कला मंच, जसपाल रावत, आलेंद्र कैंतुरा, ढोल सागर कला, गढ़ सांस्कृतिक सेवा संस्थान व सिद्धेश्वर कला मंच के कलाकारों की प्रस्तुति ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण, जिला पंचायत सदस्य प्रदीप कैंतुरा, मनीष राणा, मनीवर रावत, अरविंद पश्चिमी मौजूद रहे
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माघ मेले के पौराणिक स्वरूप को बरकरार रखने पर दिया जोर
उत्तरकाशी। माघ मेले के दसवें दिन जिला पंचायत की ओर से पत्रकार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में माघ मेले के पौराणिक स्वरूप को बरकरार रखने पर चर्चा हुई।
मंगलवार को जिला सभागार में आयोजित गोष्ठी में गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण और डीएम अभिषेक रूहेला ने सुझावों पर जरूरी कार्रवाई का आश्वासन दिया। गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने कहा कि मेला उत्तरकाशी और तिब्बत व्यापार का साक्षी रहा है। मौजूदा बाजारीकरण के दौर में इसके पौराणिक स्वरूप को बनाए रखना जरूरी है।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि पत्रकारों की ओर से आए सुझावों पर अमल कर भविष्य में माघ मेले को और बेहतर तरीके से आयोजित करने की कोशिश रहेगी। इस मौके पर अपर मुख्याधिकारी मेला बृजेश कुमार तिवारी, जिला पंचायत सदस्य मनीष राणा, प्रदीप कैंतुरा, जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष सुनील थपलियाल, पूर्व अध्यक्ष शिव सिंह थलवाल मौजूद रहे। संवाद