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World Photography Day 2020: स्वामी सुंदरानंद ने कैमरे में कैद की गंगा-हिमालय में आए बदलावों की कई दुर्लभ तस्वीरें
Wed, 19 Aug 2020 05:27 PM IST
देहरादून ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 19 Aug 2020 05:27 PM IST
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आर्ट गैलरी
- फोटो : फाइल फोटो
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बीते करीब सात दशकों से गंगोत्री धाम में एक संत अपनी खींची तस्वीरों के जरिए गंगा व हिमालय का संरक्षण करने का प्रयास कर रहे हैं। फोटो बाबा के नाम से प्रख्यात संत ने गंगोत्री में एक फोटो आर्ट गैलरी का भी निर्माण किया है।
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आंध्रप्रदेश के अनंतपुरम जिले में जन्मे 94 वर्षीय स्वामी सुंदरानंद वर्ष 1948 में पहली बार गंगोत्री आए थे। गोमुख की दिव्यता से अभिभूत होकर उन्होंने स्वामी तपोवन महाराज के साथ ही गंगोत्री में रहने का निर्णय लिया।
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उन्होंने अपना पहला कैमरा लेने के साथ ही नेहरू पर्वतारोहण संस्थान से प्रशिक्षण भी प्राप्त किया। करीब सात दशक तक हिमालय क्षेत्र का भ्रमण कर उन्होंने लाखों तस्वीरें खींची। साथ ही अमेरिका व यूरोप के कई देशों में अपनी तस्वीरों की प्रदर्शनी लगाई।
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सितंबर 2019 में उन्होंने गंगोत्री में ‘तपोवनम् हिरण्यगर्भ कलादीर्घा’ आर्ट गैलरी का निर्माण भी कराया। स्वामी सुंदरानंद की साधना को दिखाने के लिए बीबीसी व डिस्कवरी चैनल ने उनके जीवन पर डाक्यूमेंट्री भी बनाई है।
उनकी तस्वीरों व अनुभव पर एक पुस्तक ‘हिमालय थ्रू द लेंस ऑफ ए साधु’ भी प्रकाशित हो चुकी है। स्वामी सुंदरानंद ने कहा कि वर्ष 1948 में गोमुख ग्लेशियर बहुत भव्य व विशाल था, लेकिन अब ग्लेशियर सिकुड़ गया है।