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अभी कम नहीं होंगे मुश्किलें
ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Sun, 24 Jan 2016 09:40 PM IST
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टिहरी बांध झील के कारण अलग-थलग पड़े दिचली गमरी क्षेत्र के ग्रामीणों की समस्याएं जल्द दूर होने के आसार नहीं दिख रहे हैं।
अनुबंध पूरा होने के दस माह बाद भी देवीसौड़ मोटर पुल का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है।
वर्ष 2006 में टिहरी बांध झील का जलस्तर चिन्यालीसौड़ तक पहुंचने के बाद से ब्लाक के दिचली-गमरी क्षेत्र के ग्रामीणों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
देवीसौड़ का पुल झील में समाने से क्षेत्र के लोगों को धरासू होते हुए आवाजाही करनी पड़ रही है। ग्रामीणों की मांग पर 49 करोड़ रुपये लागत से नया मोटर पुल स्वीकृत हुआ और जून 2013 में इसका निर्माण शुरू कर 15 महीने के भीतर इसके निर्माण का अनुबंध किया गया।
ग्रामीणों को उम्मीद थी कि पुल समय पर बन जाएगा और उनकी मुसीबतें कम हो जाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद छह माह का विस्तार देकर मार्च 2015 में पुल निर्माण का लक्ष्य रखा गया। इसे बीते भी दस माह हुए, लेकिन पुल नहीं बन पाया।
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धरातल पर देखें तो ठेकेदार को 24 करोड़ का भुगतान करने के बाद भी अभी पुल का सिविल कार्य अस्सी फीसदी ही हो पाया है, जबकि फैब्रिकेशन का काम अभी शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में अभी पुल निर्माण में और कई महीने लगने के आसार हैं।
कोट..
मार्च 2015 तक देवीसौड़ पुल का निर्माण पूरा होना था। इस बीच ठेकेदार को तीन बार नोटिस दिए जा चुके हैं। अब कानूनी नोटिस जारी कर ठेकेदार से अनुबंध के मुताबिक पेनल्टी वसूली जाएगी।
डीके सिंह, ईई पुनर्वास विभाग टिहरी।
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अनुबंध पूरा होने के दस माह बाद भी देवीसौड़ मोटर पुल का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है।
वर्ष 2006 में टिहरी बांध झील का जलस्तर चिन्यालीसौड़ तक पहुंचने के बाद से ब्लाक के दिचली-गमरी क्षेत्र के ग्रामीणों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
देवीसौड़ का पुल झील में समाने से क्षेत्र के लोगों को धरासू होते हुए आवाजाही करनी पड़ रही है। ग्रामीणों की मांग पर 49 करोड़ रुपये लागत से नया मोटर पुल स्वीकृत हुआ और जून 2013 में इसका निर्माण शुरू कर 15 महीने के भीतर इसके निर्माण का अनुबंध किया गया।
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ग्रामीणों को उम्मीद थी कि पुल समय पर बन जाएगा और उनकी मुसीबतें कम हो जाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद छह माह का विस्तार देकर मार्च 2015 में पुल निर्माण का लक्ष्य रखा गया। इसे बीते भी दस माह हुए, लेकिन पुल नहीं बन पाया।
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धरातल पर देखें तो ठेकेदार को 24 करोड़ का भुगतान करने के बाद भी अभी पुल का सिविल कार्य अस्सी फीसदी ही हो पाया है, जबकि फैब्रिकेशन का काम अभी शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में अभी पुल निर्माण में और कई महीने लगने के आसार हैं।
कोट..
मार्च 2015 तक देवीसौड़ पुल का निर्माण पूरा होना था। इस बीच ठेकेदार को तीन बार नोटिस दिए जा चुके हैं। अब कानूनी नोटिस जारी कर ठेकेदार से अनुबंध के मुताबिक पेनल्टी वसूली जाएगी।
डीके सिंह, ईई पुनर्वास विभाग टिहरी।