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पैदल पुलिया बही, 13 गांव पड़े अलग-थलग
ब्यूरो/अमर उजाला उत्तरकाशी
Updated Sun, 07 Aug 2016 10:30 PM IST
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भारी बारिश से राजगढी सरनौल 32 किमी मोटर मार्ग का कोटी गांव से आगे अधिकांश हिस्सा क्षतिग्रस्त होने, गांव के संपर्क मार्ग और गाड़ गदेरों की पैदल पुलिया बहने से सरबडियाड व ठकराल पट्टी के 13 गांव अलग-थलग पड़ गए है।
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आठ गांव वाले सरबडियाड क्षेत्र में गांवों के संपर्क मार्ग शुक्रवार रात को हुई बारिश से हुए भूस्खलन में बर्बाद हो गए। पौंटी गाड, केदार गाड की पुलिया टूटने से पौंटी छानिका व गौल अन्य गांवों से अलग-थलग हो गए हैं। अरबा, डिंगाडी, किमडार, मुराडी, संदरी, चपटाडी, सरनौल की पुलियां भी बह गई।
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बंचाण गांव सरनौल तथा गाडवाल गांव को जोड़ने वाला मोटर मार्ग कई जगह क्षतिग्रस्त होने के साथ ही हलोटी गाड, खिडकी गाड़ की पुलिया बह गई है। बचाण गांव, चपटाड़ी को जोड़ने वाला नौली गाड़ का पैदल पुल भी बह गया है।
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सरनौल के क्षेत्र पंचायत सदस्य अवतार सिंह, जगमोहन राणा, सर गांव की प्रधान ऐलमा देवी, किमडार के अजयपाल सिंह बताते है कि उपला ठकराल पट्टी और सरबडियाड के 13 गांव के लोग अपने गांवों में ही कैद होकर रह गए हैं। कई जगह तो खेतों में जाने तक का रास्ता नहीं है। बीमार को बड़कोट या पुरोला तक नहीं पहुंचा पाने के कारण लोग घरेलू इलाज दे रहे हैं। राजगढी इंटर कालेज में बच्चे नहीं जा पा रहे हैं।
आपदा में क्षतिग्रस्त सरकारी परिसंपत्तियों की सूची तैयार की जा रही है। एस्टिमेंट तैयार करने के बाद संबंधित विभाग तथा क्षेत्र के एसडीएम वरीयता तय करेंगे की कहा कौन से काम पहले किए जाने जरूरी है।
देवेंद्र पटवाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उत्तरकाशी।