{"_id":"6ab7a8b373dcc661d80b1ede","slug":"hari-singh-rana-associated-with-sanatan-culture-has-passed-away-uttarkashi-news-c-54-1-uki1010-122442-2026-09-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarkashi News: सनातन संस्कृति से जुड़े हरि सिंह राणा नहीं रहे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarkashi News: सनातन संस्कृति से जुड़े हरि सिंह राणा नहीं रहे
Sat, 26 Sep 2026 04:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sat, 26 Sep 2026 04:42 PM IST
विज्ञापन
91 साल की उम्र तक भी सक्रिय रहे राणा, नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई
उत्तरकाशी। सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक क्षेत्र में दशकों तक सक्रिय रहे पूर्व ब्लॉक प्रमुख डुंडा हरि सिंह राणा का 91 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन का समाचार मिलते ही उत्तरकाशी में शोक की लहर दौड़ गई। शनिवार को उनकी अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए और नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। उत्तरकाशी में धार्मिक आयोजनों और सनातन संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भूमिका रहती थी। अपने जीवन के अनुभवों को उन्होंने आत्मकथा के रूप में भी संजोया था।
राणा लंबे समय तक हनुमान मंदिर समिति के अध्यक्ष रहे और बाद में संरक्षक की जिम्मेदारी संभाली। अष्टादश महापुराण समिति से भी उनका गहरा जुड़ाव रहा और वे कई बार समिति के अध्यक्ष रहे। उनका राजनीतिक जीवन वर्ष 1971 में कांग्रेस की सक्रिय सदस्यता से शुरू हुआ। वर्ष 1989 से 1996 तक वे डुंडा के ब्लॉक प्रमुख रहे। इस दौरान वे पदेन जिला परिषद सदस्य भी रहे। वर्ष 1992 में प्रधान संगठन के जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2002 में उन्होंने विधानसभा चुनाव भी लड़ा था।
राणा के निधन पर जनप्रतिनिधियों, व्यापार मंडल, ब्राह्मण समाज समेत विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने शोक व्यक्त किया। उनके निधन पर गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान, भटवाड़ी प्रमुख ममता पंवार, डुंडा प्रमुख राजदीप परमार, जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष सुभाष बडोनी, बुद्धि प्रसाद नौटियाल, रमेश नौटियाल, भूपेश खोडियार, अजय प्रकाश बडोला आदि ने शोक व्यक्त किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तरकाशी। सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक क्षेत्र में दशकों तक सक्रिय रहे पूर्व ब्लॉक प्रमुख डुंडा हरि सिंह राणा का 91 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन का समाचार मिलते ही उत्तरकाशी में शोक की लहर दौड़ गई। शनिवार को उनकी अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए और नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। उत्तरकाशी में धार्मिक आयोजनों और सनातन संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भूमिका रहती थी। अपने जीवन के अनुभवों को उन्होंने आत्मकथा के रूप में भी संजोया था।
राणा लंबे समय तक हनुमान मंदिर समिति के अध्यक्ष रहे और बाद में संरक्षक की जिम्मेदारी संभाली। अष्टादश महापुराण समिति से भी उनका गहरा जुड़ाव रहा और वे कई बार समिति के अध्यक्ष रहे। उनका राजनीतिक जीवन वर्ष 1971 में कांग्रेस की सक्रिय सदस्यता से शुरू हुआ। वर्ष 1989 से 1996 तक वे डुंडा के ब्लॉक प्रमुख रहे। इस दौरान वे पदेन जिला परिषद सदस्य भी रहे। वर्ष 1992 में प्रधान संगठन के जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2002 में उन्होंने विधानसभा चुनाव भी लड़ा था।
विज्ञापन
राणा के निधन पर जनप्रतिनिधियों, व्यापार मंडल, ब्राह्मण समाज समेत विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने शोक व्यक्त किया। उनके निधन पर गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान, भटवाड़ी प्रमुख ममता पंवार, डुंडा प्रमुख राजदीप परमार, जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष सुभाष बडोनी, बुद्धि प्रसाद नौटियाल, रमेश नौटियाल, भूपेश खोडियार, अजय प्रकाश बडोला आदि ने शोक व्यक्त किया।
विज्ञापन