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स्थानीय उत्पाद एकत्र करने में जुटी ग्रीन पीपुल
ब्यूरो/अमर उजाला उत्तरकाशी
Updated Wed, 09 Mar 2016 10:14 PM IST
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स्थानीय उत्पाद
- फोटो : amarujala
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पहाड़ के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाने की मुहिम में जुटी ग्रीन पीपुल ने संगमचट्टी में कलक्शन सेंटर खोलकर चौलाई, झंगोरा आदि उत्पादों की खरीद शुरू कर दी है। दो दिन के भीतर ही यहां से 18 क्विंटल चौलाई एवं 148 किलो झंगोरा खरीदा।
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निम के प्रधानाचार्य कर्नल अजय कोठियाल की पहल पर गठित ग्रीन पीपुल संस्था पहाड़ के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान और किसानों को बेहतर दाम मुहैया कराने की मुहिम में जुटा है।
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इस पहल के तहत संस्था की ओर से उत्तरकाशी जनपद और इससे सटे कृषि उत्पादक क्षेत्रों में कलक्शन सेंटर खोलकर स्थानीय उत्पादों की खरीद शुरू की गई है। अच्छी बात यह है कि संस्था देहरादून, विकासनगर आदि मंडियों से पांच रुपये प्रति किलो अधिक दर पर स्थानीय उत्पाद खरीद रही है। गांव पहुंचकर की जा रही इस खरीद से किसानों को ढुलान भाड़े से भी निजात मिल गई है।
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आपदा की मार से त्रस्त असी गंगा घाटी के संगमचट्टी में भी ग्रीन पीपुल ने कलक्शन सेंटर खोल दिया है। बीते दिनों यहां निकटवर्ती अगोड़ा, ढासड़ा, दंदालका आदि गांवों के ग्रामीणों से 1808 किलो चौलाई और 148 किलो झंगोरा खरीदा। किसानों को चौलाई का 45 रुपये प्रति किलो तथा साबूत झंगोरा 15 रुपये किलो के हिसाब से खरीदा गया। अगोड़ा गांव के भाग्यान सिंह, बलवीर सिंह, ढासड़ा के भरत सिंह एवं दंदालका के चैन सिंह का कहना है कि पहले उन्हें अपने उत्पाद बाजार बेचने पड़ते थे, जिसमें ढुलान भाड़ा भी खर्च होता था और मूल्य भी कम मिलता था।
जैविक उत्पादों की भारी मांग
संगमचट्टी में कलक्शन सेंटर का काम देख रही भंकोली गांव की ममता रावत एवं जयकिशन ने बताया कि स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ने से किसानों में खासा उत्साह है। किसानों को अपने उत्पाद की गुणवत्ता सुधारने के साथ ही ग्रेडिंग के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। ग्रीन पीपुल के प्रतिनिधि पीके सिंह ने बताया कि स्थानीय जैविक उत्पादों की राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार में खासी मांग है। स्थानीय उत्पाद बकरी छाप ब्रांड के साथ बाजार में उतारे जा रहे हैं।