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ग्लेशियर पिघलने से भागीरथी में उफान
ब्यूरो/अमर उजाला, उत्तरकाशी
Updated Fri, 01 Jul 2016 09:54 PM IST
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ग्लेशियर पिघलने से भागीरथी नदी का जलस्तर बढ़ने से गंगोत्री धाम में कटाव की जद में आया बहुमंजिला आश्रम और घर।
- फोटो : Amar Ujala
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सूखे की चपेट में आई अपर भागीरथी घाटी में ग्लेशियर पिघलने से भागीरथी गंगा उफान पर है। बृहस्पतिवार रात को गंगोत्री में भागीरथी में आए उफान से मंदिर के पुजारी प्रेम बल्लभ सेमवाल के मकान की बुनियाद का पुस्ता बहने से एक कमरा क्षतिग्रस्त हो गया। पास के अपरोक्षानंद स्वामी के आश्रम में भी कटाव शुरू हो गया। यहां बनी सीवर लाइन का एक हिस्सा भागीरथी में समा गया।
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पूरे जून हर्षिल गंगोत्री क्षेत्र में सूखे की स्थिति बनी रही। तपिश बढ़ने से ग्लेशियर पिघल रहे हैं। इससे गंगोत्री में भागीरथी का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती क्षेत्र में बने घर और आश्रम में रह रहे लोग रात को सो नहीं पा रहे हैं। गंगोत्री मंदिर के पुजारी प्रेम बल्लभ सेमवाल कर छह कमरों का मकान क्षतिग्रस्त होने की स्थिति देखकर रात को ही यहां से सारा सामान समेटकर सुरक्षित जगह पर चले गए हैं।
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गंगोत्री व्यापार मंडल के अध्यक्ष सतेंद्र सेमवाल कहते हैं कि आपदा प्रबंधन को लेकर गंगोत्री की उपेक्षा की जाती है। यहां भागीरथी के दोनों तटों पर अगर सुरक्षा दीवार नहीं बनी, तो बरसात में कटाव से और ज्यादा नुकसान होना तय है।
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