फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Uttarkashi News ›   Getting poor rations.

गरीबों को नहीं मिल रहा राशन

Mon, 05 Sep 2016 10:10 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, उत्तरकाशी
ब्यूरो/अमर उजाला, उत्तरकाशी Updated Mon, 05 Sep 2016 10:10 PM IST
विज्ञापन
Getting poor rations.
राशन - फोटो : file photo

शासन की लापरवाही के कारण जिले के गरीब परिवारों को राशन आधी-अधूरी मिल रही है। हर महीने राष्ट्रीय खाद्य योजना के तहत जिले को 194 क्विंटल गेहूं कम आवंटित हो रहे हैं, जबकि चावल 96 क्विंटल ज्यादा मिला है। राष्ट्रीय खाद्य योजना ही नहीं राज्य खाद्य योजना में भी राशन का पूरा कोटा नहीं मिलने से गरीबों के सामने राशन का संकट पैदा हो गया है। स्थिति यह है कि उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ रही है, लेकिन राशन का कोटा कम होता जा रहा है।

विज्ञापन


मौजूदा समय में जिले में 30138 ऑन लाइन राशन कार्डों पर विभाग राशन आवंटित कर रहा है, जबकि शासन से 25271 कार्डों पर ही राशन जारी हो रही है। यह स्थिति योजना की शुरूआत से ही बनी हुई है। वर्तमान में राज्य खाद्य योजना के तहत शासन से 126.355 मीट्रिक टन गेहूं और 253.21 मीट्रिक टन चावल प्राप्त हो रहा है।
विज्ञापन


जबकि आवश्यकतानुसार 150.840 मीट्रिक टन गेहूं और 301.168 मीट्रिक टन चावल मिलना चाहिए। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि राशन कार्डों की संख्या अभी 40 हजार के पार हो सकती है। ऐसे में शासन से राशन का कोटा कम मिलने से दिक्कत हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


राज्य खाद्य योजना में राशन आवंटन की स्थिति
  प्राप्त आवंटन                    आवश्यकता
126.355 मी. टन गेहूं      150.840 मी. टन
253.21 मी. टन चावल    301.168 मी. टन
कोट-
राज्य खाद्य योजना के तहत आवश्यकतानुसार पूरा राशन आवंटित नहीं हो रहा है। शासन से पुन: पूरा राशन आवंटित करने का आग्रह किया गया है।
आईडी नौटियाल, जिला पूर्ति अधिकारी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed