{"_id":"57eaa4b34f1c1b537c57449e","slug":"farmers-are-wandering-for-compensation","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुआवजे के लिए भटक रहे हैं किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुआवजे के लिए भटक रहे हैं किसान
ब्यूरो/अमर उजाला, उत्तरकाशी
Updated Tue, 27 Sep 2016 10:26 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मार्च व अप्रैल 2015 में बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि से रबी की फसल को पहुंचे व्यापक नुकसान का मुआवजा किसानों को अब तक नहीं मिल सका है। जिले के करीब 46769 कृषक फसली मुआवजा पाने से वंचित है। डेढ़ साल बीत गए हैं, लेकिन सरकार इसके लिए बजट उपलब्ध नहीं करा पाई। ऐसे में किसान आशंकित हैं कि उनको क्षतिग्रस्त फसलों का मुआवजा मिलेगा भी या नहीं।
विज्ञापन
बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि से मार्च व अप्रैल माह में क्षतिग्रस्त हुई रबी की फसलों की भरपाई के लिए शासन-प्रशासन की ओर से राजस्व विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों से सर्वेक्षण करवाया गया था। इस दौरान रकबा के हिसाब से मुआवजा राशि देने का प्रावधान किया गया। प्रशासन की ओर से राज्य सरकार को सर्वेक्षण रिपोर्ट भेजने पर मई में जिला प्रशासन को चार करोड़ 17 लाख की धनराशि दी कराई गई थी। जिसे जिले के 18612 परिवारों को दिया गया, लेकिन जिले के 46769 परिवारों को अब तक मुआवजा राशि नहीं मिली है।
विज्ञापन
इसके लिए राज्य सरकार को आठ करोड़ 19 लाख प्रशासन को उपलब्ध कराने थे, लेकिन लंबा वक्त बीतने के बाद भी पैसा जारी नहीं हुआ है। जबकि प्रशासन स्तर से दो से तीन बार शासन को बजट का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। सरकार अब 1500 रुपये प्रति परिवार मुआवजा देगी। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य लोकेंद्र बिष्ट का कहना है कि जिले में जहां 46769 किसानों को मुआवजा नहीं मिला है, वहीं गंगोत्री विधानसभा में अकेले 18133 परिवारों को फसली मुआवजा नहीं दिया गया।
विज्ञापन