{"_id":"69414155299a09281b0870e1","slug":"far-from-receiving-any-assistance-they-havent-even-received-the-gratuitous-payment-after-four-and-a-half-months-uttarkashi-news-c-54-1-uki1002-116667-2025-12-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarkashi News: मदद तो दूर साढ़े चार माह बाद अहेतुक राशि भी नहीं मिली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarkashi News: मदद तो दूर साढ़े चार माह बाद अहेतुक राशि भी नहीं मिली
Tue, 16 Dec 2025 04:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Tue, 16 Dec 2025 04:54 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीएम ने आपदा आने पर ट्वीट कर डीएम को दिए तत्काल मदद के आदेश
डीएम और क्षेत्रीय विधायक कर चुके हैं आपदा प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण
नौगांव (उत्तरकाशी)। अगस्त में आपदा से नुकसान झेलने वाले नगर पंचायत के पीड़ितों की मदद तो दूर साढ़े चार माह बाद उन्हें अहेतुक राशि तक नहीं मिल पाई है। पांच अगस्त को स्योरी फल पट्टी में हुई अतिवृष्टि का सीएम ने संज्ञान लेकर ट्वीट किया था कि जनपद उत्तरकाशी के नौगांव क्षेत्र में अतिवृष्टि से नुकसान की सूचना मिलते ही डीएम से तत्काल वार्तालाप कर राहत एवं बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए थे।
अतिवृष्टि से वार्ड नंबर पांच, छह और सात में हुए नुकसान का डीएम ने भी क्षेत्रीय विधायक दुर्गेश्वर लाल के साथ स्थलीय निरीक्षण किया था।भाजपा नेताओं ने भी पीड़ितों के जख्मों पर मरहम पट्टी लगाने की कोशिश की लेकिन आपदा के साढ़े चार माह बाद भी पीड़ितों को अहेतुक राशि तक नहीं मिल पाई है।
नगर पंचायत प्रशासन ने अकेले ही 15 करोड़ की परिसंपत्तियों का नुकसान होने का दावा किया था। आपदा से कई दुकानों व आवासीय भवनों में पानी भर गया था जिससे सारा सामान खराब हो गया था। खेतों में मलबा पड़ने से फसलें खराब हो गई थी लेकिन साढ़े चार माह बाद पीड़ितों को राहत के नाम पर ढेला तक नहीं मिल पाया है।
विज्ञापन
काश्तकार गब्बर सिंह, सरदार सिंह का कहना है कि उनके आवासीय भवनों व खेतों में पानी घुसने से नुकसान हुआ था लेकिन प्रशासन ने उनकी कोई मदद नहीं की। वहीं बड़कोट तहसीलदार रेनु सैनी ने बताया कि आपदा के समय राजस्व उपनिरीक्षक ने नगर पंचायत में आपदा से हुए नुकसान की ऐसी कोई रिपोर्ट उपलब्ध नहीं करवाई है जिसके आधार पर राहत राशि दी जानी थी।
विज्ञापन
डीएम और क्षेत्रीय विधायक कर चुके हैं आपदा प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण
नौगांव (उत्तरकाशी)। अगस्त में आपदा से नुकसान झेलने वाले नगर पंचायत के पीड़ितों की मदद तो दूर साढ़े चार माह बाद उन्हें अहेतुक राशि तक नहीं मिल पाई है। पांच अगस्त को स्योरी फल पट्टी में हुई अतिवृष्टि का सीएम ने संज्ञान लेकर ट्वीट किया था कि जनपद उत्तरकाशी के नौगांव क्षेत्र में अतिवृष्टि से नुकसान की सूचना मिलते ही डीएम से तत्काल वार्तालाप कर राहत एवं बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए थे।
अतिवृष्टि से वार्ड नंबर पांच, छह और सात में हुए नुकसान का डीएम ने भी क्षेत्रीय विधायक दुर्गेश्वर लाल के साथ स्थलीय निरीक्षण किया था।भाजपा नेताओं ने भी पीड़ितों के जख्मों पर मरहम पट्टी लगाने की कोशिश की लेकिन आपदा के साढ़े चार माह बाद भी पीड़ितों को अहेतुक राशि तक नहीं मिल पाई है।
विज्ञापन
नगर पंचायत प्रशासन ने अकेले ही 15 करोड़ की परिसंपत्तियों का नुकसान होने का दावा किया था। आपदा से कई दुकानों व आवासीय भवनों में पानी भर गया था जिससे सारा सामान खराब हो गया था। खेतों में मलबा पड़ने से फसलें खराब हो गई थी लेकिन साढ़े चार माह बाद पीड़ितों को राहत के नाम पर ढेला तक नहीं मिल पाया है।
विज्ञापन
काश्तकार गब्बर सिंह, सरदार सिंह का कहना है कि उनके आवासीय भवनों व खेतों में पानी घुसने से नुकसान हुआ था लेकिन प्रशासन ने उनकी कोई मदद नहीं की। वहीं बड़कोट तहसीलदार रेनु सैनी ने बताया कि आपदा के समय राजस्व उपनिरीक्षक ने नगर पंचायत में आपदा से हुए नुकसान की ऐसी कोई रिपोर्ट उपलब्ध नहीं करवाई है जिसके आधार पर राहत राशि दी जानी थी।