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Uttarkashi News: आपदा ने छीना कारोबार, प्रशासन ने रोकी राहत की राह
Mon, 24 Aug 2026 05:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Mon, 24 Aug 2026 05:16 PM IST
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आपदा के एक वर्ष बाद भी धराली में व्यवसाय करने वाले लोगों को नहीं मिला न्याय
उत्तरकाशी। धराली आपदा के एक वर्ष बाद भी प्रभावित व्यवसायियों को न्याय नहीं मिल पाया है। भटवाड़ी विकासखंड के कई गांव के लोग धराली में होटल और रेस्तरां चला रहे थे। आपदा ने उनका रोजगार छीन लिया, लेकिन उन्हें अभी तक कोई मुआवजा नहीं मिला है।
बयाणा निवासी मनदीप पंवार, बाड़ागड्डी के दीपचंद, गोपाल राणा और मनमोहन राणा ने अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि वे आपदा से पहले करीब 15 साल से धराली में व्यवसाय कर रहे थे। 5 अगस्त 2025 को हुई आपदा में उनका व्यवसाय मलबे में दब गया था। एक वर्ष बीतने के बाद भी उन्हें नुकसान का कोई मुआवजा नहीं मिला है। प्रशासन ने उनसे भवन स्वामी से लिखित प्रमाण लाने को कहा था। व्यवसायियों ने लीज की जानकारी शपथ पत्र पर दी।
शपथ पत्र जमा करने के बाद भी प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। अब इन व्यवसायियों के सामने रोजगार की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। वे अपने परिवार के पालन-पोषण को लेकर चिंतित हैं। आपदा प्रभावितों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन उनकी सुनवाई नहीं करता, तो वे अपने परिवार के साथ धरने पर बैठेंगे।
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उत्तरकाशी। धराली आपदा के एक वर्ष बाद भी प्रभावित व्यवसायियों को न्याय नहीं मिल पाया है। भटवाड़ी विकासखंड के कई गांव के लोग धराली में होटल और रेस्तरां चला रहे थे। आपदा ने उनका रोजगार छीन लिया, लेकिन उन्हें अभी तक कोई मुआवजा नहीं मिला है।
बयाणा निवासी मनदीप पंवार, बाड़ागड्डी के दीपचंद, गोपाल राणा और मनमोहन राणा ने अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि वे आपदा से पहले करीब 15 साल से धराली में व्यवसाय कर रहे थे। 5 अगस्त 2025 को हुई आपदा में उनका व्यवसाय मलबे में दब गया था। एक वर्ष बीतने के बाद भी उन्हें नुकसान का कोई मुआवजा नहीं मिला है। प्रशासन ने उनसे भवन स्वामी से लिखित प्रमाण लाने को कहा था। व्यवसायियों ने लीज की जानकारी शपथ पत्र पर दी।
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शपथ पत्र जमा करने के बाद भी प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। अब इन व्यवसायियों के सामने रोजगार की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। वे अपने परिवार के पालन-पोषण को लेकर चिंतित हैं। आपदा प्रभावितों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन उनकी सुनवाई नहीं करता, तो वे अपने परिवार के साथ धरने पर बैठेंगे।
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