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Uttarkashi News: ग्रामीण क्षेत्रों में महीनों से नहीं पहुंची रसोई गैस
Sun, 17 May 2026 07:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sun, 17 May 2026 07:15 PM IST
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डुंडा और भटवाड़ी ब्लॉक के कई गांवों में बनी हुई है समस्या
उत्तरकाशी। जनपद के डुंडा और भटवाड़ी विकासखंड के ग्रामीण इलाकों में पिछले कई महीनों से रसोई गैस की आपूर्ति बाधित होने से लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गैस वाहन लंबे समय से गांवों तक नहीं पहुंच रहा है जबकि पहले हर महीने नियमित रूप से गैस सिलिंडरों होम डिलीवरी की जाती थी। अब स्थिति यह हो गई है कि ग्रामीणों को खाना बनाने के लिए फिर से लकड़ी के चूल्हों का सहारा लेना पड़ रहा है।
सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में भटवाड़ी विकासखंड की अस्सी गंगा घाटी, टकनौर घाटी और वरूणा घाटी के कई गांव शामिल हैं। वहीं डुंडा विकासखंड के धौंतरी और गाजणा क्षेत्र में भी गैस आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि गैस संकट के कारण महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
जंगलों से लकड़ी लाना और चूल्हे पर भोजन तैयार करना समय और मेहनत दोनों बढ़ा रहा है। सेकू गांव निवासी चत्तर रावत, गजोली के प्रमेश खंडूड़ी और धौंतरी के अनिल नौटियाल ने बताया कि लंबे समय से गैस वाहन गांवों तक नहीं पहुंचा है। उन्होंने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द गैस आपूर्ति सुचारु करने की मांग उठाई है।
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उधर, उत्तरकाशी नगर क्षेत्र रसोई गैस की किल्लत बनी है। लोगों की हर दिन जगह-जगह लंबी लाइनें लग रही है लेकिन गैस आपूर्ति नहीं हो पा रही जिस कारण उपभोक्ता परेशान हैं। इस संबंध में जिला पूर्ति अधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनका फोन स्विच ऑफ मिला।
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उत्तरकाशी। जनपद के डुंडा और भटवाड़ी विकासखंड के ग्रामीण इलाकों में पिछले कई महीनों से रसोई गैस की आपूर्ति बाधित होने से लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गैस वाहन लंबे समय से गांवों तक नहीं पहुंच रहा है जबकि पहले हर महीने नियमित रूप से गैस सिलिंडरों होम डिलीवरी की जाती थी। अब स्थिति यह हो गई है कि ग्रामीणों को खाना बनाने के लिए फिर से लकड़ी के चूल्हों का सहारा लेना पड़ रहा है।
सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में भटवाड़ी विकासखंड की अस्सी गंगा घाटी, टकनौर घाटी और वरूणा घाटी के कई गांव शामिल हैं। वहीं डुंडा विकासखंड के धौंतरी और गाजणा क्षेत्र में भी गैस आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि गैस संकट के कारण महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
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जंगलों से लकड़ी लाना और चूल्हे पर भोजन तैयार करना समय और मेहनत दोनों बढ़ा रहा है। सेकू गांव निवासी चत्तर रावत, गजोली के प्रमेश खंडूड़ी और धौंतरी के अनिल नौटियाल ने बताया कि लंबे समय से गैस वाहन गांवों तक नहीं पहुंचा है। उन्होंने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द गैस आपूर्ति सुचारु करने की मांग उठाई है।
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उधर, उत्तरकाशी नगर क्षेत्र रसोई गैस की किल्लत बनी है। लोगों की हर दिन जगह-जगह लंबी लाइनें लग रही है लेकिन गैस आपूर्ति नहीं हो पा रही जिस कारण उपभोक्ता परेशान हैं। इस संबंध में जिला पूर्ति अधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनका फोन स्विच ऑफ मिला।