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Uttarkashi News: सिरोहबगड़ में स्थायी समाधान के काम के बीच यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें
Sat, 03 Oct 2026 08:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sat, 03 Oct 2026 08:39 PM IST
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सिरोहबगड़ से रुद्रप्रयाग तक एनएच कई जगह खस्ताहाल, कमेड़ा तक मार्ग दुरस्त
फोटो-- -- -- -
संवाद न्यूज एजेंसी
राजेश सेमवाल मृदुल
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ-बदरीनाथ यात्रा के प्रमुख मार्ग पर सिरोहबगड़ पहुंचते ही यात्रियों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। हर साल सिरोहबगड़ भूस्खलन क्षेत्र यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए चुनौती बना है, अब यहां भूस्खलन क्षेत्र के स्थायी समाधान के लिए चल रहे कार्यों के कारण वन-वे व्यवस्था लागू है। वाहनों को रोक-रोककर निकाले जाने से दोनों ओर लंबी कतारें लग रही हैं और यात्रियों को घंटों जाम में फंसना पड़ता है।
यात्रा सीजन में वाहनों के बढ़ते दबाव के बीच यह स्थिति यातायात समस्या का रूप ले रही है। सुरक्षा के लिहाज से वन-वे व्यवस्था जरूरी है, लेकिन यात्रा सीजन में इसका सीधा असर यातायात पर पड़ रहा है। वाहनों की संख्या बढ़ते ही कुछ ही समय में लंबी कतार लग जाती है। जाम खुलने के बाद एक साथ वाहनों का दबाव बढ़ने से अगले हिस्से में भी यातायात धीमा पड़ जाता है।
संवाद
घंटों जाम में फंस रहे यात्री
सिरोहबगड़ से गुजरने वाले यात्रियों के लिए सबसे बड़ी परेशानी जाम बन रहा है। चारधाम यात्रा पर आने वाले वाहनों के साथ स्थानीय वाहन भी इसी मार्ग से गुजरते हैं। वन-वे व्यवस्था के कारण वाहनों को लंबे समय तक रुकना पड़ रहा है। यात्रियों की परेशानी इसलिए भी बढ़ रही है क्योंकि सिरोहबगड़ से आगे पहाड़ी मार्ग शुरू होता है और कई स्थानों पर यातायात को नियंत्रित करना पड़ता है।
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खांकरा में गड्ढे और जलभराव अलग चुनौती
सिरोबगड़ से रुद्रप्रयाग की ओर आने पर खांकरा क्षेत्र में हाईवे की स्थिति यात्रियों की परेशानी और बढ़ा रही है। यहां सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे बने हैं। बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। गड्ढों से बचने के लिए वाहन चालक कई बार अचानक दिशा बदलते हैं। व्यस्त यात्रा मार्ग पर ऐसी स्थिति दुर्घटना का जोखिम बढ़ा सकती है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी गड्ढों और जलभराव वाला हिस्सा परेशानी वाला है।
वर्जन
सिरोहबगड़ लैंडस्लाइड ट्रीटमेंट प्वाइंट पर पिछले एक सप्ताह से निर्माण और सुरक्षात्मक कार्य पूरी तरह बंद हैं। यहां यात्रा अवधि तक निर्देशों के बाद कार्य बंद कर दिया गया है। वहीं बारिश के बाद फिलहाल केवल सड़क पर बढ़े गड्ढों को जेसीबी से भरकर मार्ग को आवागमन के लिए सुविधाजनक रखने का काम किया जा रहा है। करीब पांच किलोमीटर के दायरे में भी किसी तरह का निर्माण या ट्रीटमेंट कार्य बंद है। सड़क की स्थिति को देखते हुए फिलहाल पैचवर्क करना भी संभव नहीं है। मार्ग को यातायात के लिए चालू रखने के उद्देश्य से जरूरत के अनुसार जेसीबी से गड्ढे भरे जा रहे हैं।
ओंकार पांडे, ईई राष्ट्रीय राजमार्ग।
कमेड़ा में राहत
इसी मार्ग पर रुद्रप्रयाग से कमेड़ा के बीच पहले पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने के कारण यातायात प्रभावित होता था। यहां जाम की स्थिति भी बनती थी। पहाड़ी का उपचार किए जाने के बाद फिलहाल इस हिस्से में यातायात सुचारु है।
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राजेश सेमवाल
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फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
राजेश सेमवाल मृदुल
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ-बदरीनाथ यात्रा के प्रमुख मार्ग पर सिरोहबगड़ पहुंचते ही यात्रियों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। हर साल सिरोहबगड़ भूस्खलन क्षेत्र यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए चुनौती बना है, अब यहां भूस्खलन क्षेत्र के स्थायी समाधान के लिए चल रहे कार्यों के कारण वन-वे व्यवस्था लागू है। वाहनों को रोक-रोककर निकाले जाने से दोनों ओर लंबी कतारें लग रही हैं और यात्रियों को घंटों जाम में फंसना पड़ता है।
यात्रा सीजन में वाहनों के बढ़ते दबाव के बीच यह स्थिति यातायात समस्या का रूप ले रही है। सुरक्षा के लिहाज से वन-वे व्यवस्था जरूरी है, लेकिन यात्रा सीजन में इसका सीधा असर यातायात पर पड़ रहा है। वाहनों की संख्या बढ़ते ही कुछ ही समय में लंबी कतार लग जाती है। जाम खुलने के बाद एक साथ वाहनों का दबाव बढ़ने से अगले हिस्से में भी यातायात धीमा पड़ जाता है।
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घंटों जाम में फंस रहे यात्री
सिरोहबगड़ से गुजरने वाले यात्रियों के लिए सबसे बड़ी परेशानी जाम बन रहा है। चारधाम यात्रा पर आने वाले वाहनों के साथ स्थानीय वाहन भी इसी मार्ग से गुजरते हैं। वन-वे व्यवस्था के कारण वाहनों को लंबे समय तक रुकना पड़ रहा है। यात्रियों की परेशानी इसलिए भी बढ़ रही है क्योंकि सिरोहबगड़ से आगे पहाड़ी मार्ग शुरू होता है और कई स्थानों पर यातायात को नियंत्रित करना पड़ता है।
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खांकरा में गड्ढे और जलभराव अलग चुनौती
सिरोबगड़ से रुद्रप्रयाग की ओर आने पर खांकरा क्षेत्र में हाईवे की स्थिति यात्रियों की परेशानी और बढ़ा रही है। यहां सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे बने हैं। बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। गड्ढों से बचने के लिए वाहन चालक कई बार अचानक दिशा बदलते हैं। व्यस्त यात्रा मार्ग पर ऐसी स्थिति दुर्घटना का जोखिम बढ़ा सकती है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी गड्ढों और जलभराव वाला हिस्सा परेशानी वाला है।
वर्जन
सिरोहबगड़ लैंडस्लाइड ट्रीटमेंट प्वाइंट पर पिछले एक सप्ताह से निर्माण और सुरक्षात्मक कार्य पूरी तरह बंद हैं। यहां यात्रा अवधि तक निर्देशों के बाद कार्य बंद कर दिया गया है। वहीं बारिश के बाद फिलहाल केवल सड़क पर बढ़े गड्ढों को जेसीबी से भरकर मार्ग को आवागमन के लिए सुविधाजनक रखने का काम किया जा रहा है। करीब पांच किलोमीटर के दायरे में भी किसी तरह का निर्माण या ट्रीटमेंट कार्य बंद है। सड़क की स्थिति को देखते हुए फिलहाल पैचवर्क करना भी संभव नहीं है। मार्ग को यातायात के लिए चालू रखने के उद्देश्य से जरूरत के अनुसार जेसीबी से गड्ढे भरे जा रहे हैं।
ओंकार पांडे, ईई राष्ट्रीय राजमार्ग।
कमेड़ा में राहत
इसी मार्ग पर रुद्रप्रयाग से कमेड़ा के बीच पहले पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने के कारण यातायात प्रभावित होता था। यहां जाम की स्थिति भी बनती थी। पहाड़ी का उपचार किए जाने के बाद फिलहाल इस हिस्से में यातायात सुचारु है।
राजेश सेमवाल