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जंगली मशरूम की सब्जी खाने से बच्चे की मौत
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जंगली मशरूम की सब्जी खाने से हुई फूड प्वाइजनिंग से एक ही परिवार के सात लोग बीमार हो गए। इनमें से एक बच्चे की मौत हो गई।
प्रखंड के दारसों गांव निवासी श्याम लाल, उसकी पत्नी गुड्डी देवी, बेटा पवन व अमन, बेटी सृष्टि और उनके घर रिश्तेदारी में आए विनोद और शीतल ने बीते 24 जुलाई को घर में जंगली मशरूम की सब्जी खाई। खाना खाने के कुछ घंटे बाद ही सभी लोग उल्टियां करने लगे। ग्रामीणों ने सभी को बेहोशी की हालत में आयुर्वेदिक अस्पताल धारी पहुंचाया, जहां से चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने पर उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांव रेफर किया गया। लेकिन ये लोग सीएचसी जाने के बजाय तीन दिन धारी बाजार स्थित एक प्राइवेट क्लीनिक में ही उपचार कराते रहे। परिवार के लोग तो ठीक हो गए, लेकिन बारह वर्षीय अमन की तबियत बिगड़ने लगी।
रविवार को परिजन उसे लेकर सीएचसी नौगांव पहुंचे, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार देकर हायर सेंटर देहरादून रेफर कर दिया। देहरादून ले जाते समय अमन ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत से गांव में मातम पसरा है। बच्चे की मां गुड्डी देवी का स्वास्थ्य भी अभी पूरी तरह ठीक नहीं हो पाया है। सीएचसी की चिकित्सा अधीक्षक डा. निधि रावत ने बताया कि रविवार को परिजन बच्चे को बेहोशी की हालत में स्वास्थ्य केंद्र लाए थे। तब बच्चे के मुंह से खून भी निकल रहा था। प्राथमिक उपचार के बाद भी उसकी हालत में सुधार नहीं होने पर हायर सेंटर रेफर किया गया था, जहां ले जाते समय रास्ते में बच्चे की मौत हो गई।
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प्रखंड के दारसों गांव निवासी श्याम लाल, उसकी पत्नी गुड्डी देवी, बेटा पवन व अमन, बेटी सृष्टि और उनके घर रिश्तेदारी में आए विनोद और शीतल ने बीते 24 जुलाई को घर में जंगली मशरूम की सब्जी खाई। खाना खाने के कुछ घंटे बाद ही सभी लोग उल्टियां करने लगे। ग्रामीणों ने सभी को बेहोशी की हालत में आयुर्वेदिक अस्पताल धारी पहुंचाया, जहां से चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने पर उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांव रेफर किया गया। लेकिन ये लोग सीएचसी जाने के बजाय तीन दिन धारी बाजार स्थित एक प्राइवेट क्लीनिक में ही उपचार कराते रहे। परिवार के लोग तो ठीक हो गए, लेकिन बारह वर्षीय अमन की तबियत बिगड़ने लगी।
रविवार को परिजन उसे लेकर सीएचसी नौगांव पहुंचे, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार देकर हायर सेंटर देहरादून रेफर कर दिया। देहरादून ले जाते समय अमन ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत से गांव में मातम पसरा है। बच्चे की मां गुड्डी देवी का स्वास्थ्य भी अभी पूरी तरह ठीक नहीं हो पाया है। सीएचसी की चिकित्सा अधीक्षक डा. निधि रावत ने बताया कि रविवार को परिजन बच्चे को बेहोशी की हालत में स्वास्थ्य केंद्र लाए थे। तब बच्चे के मुंह से खून भी निकल रहा था। प्राथमिक उपचार के बाद भी उसकी हालत में सुधार नहीं होने पर हायर सेंटर रेफर किया गया था, जहां ले जाते समय रास्ते में बच्चे की मौत हो गई।
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