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सरकारी सुस्ती 42 गांवों पर भारी
Uttar Kashi
Updated Wed, 30 Jul 2014 05:31 AM IST
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चिन्यालीसौड़। देवीसौड़ पुल अगस्त माह में नौवीं बार टिहरी बांध की झील में समाने को है, लेकिन दिचली-गमरी पट्टी के 42 गांवों की आवाजाही के लिए अभी तक स्थायी व्यवस्था नहीं हो पाई है। धरासू-जोगथ वैकल्पिक सड़क दस दिनों से बंद है। बीते साल मार्च में 18 माह में तैयार करने के दावे के साथ देवीसौड़ में नए पुल का निर्माण शुरू तो किया गया, लेकिन 16 माह में अभी पुल के एबटमेंट भी तैयार नहीं हो पाए हैं।
टिहरी बांध की झील दिचली-गमरी पट्टी के 42 गांवों के लिए अभिशाप बनी हुई है। बरसात में झील का जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र की पैदल आवाजाही का एक मात्र देवीसौड़ पुल कई माह के लिए झील में जलमग्न हो जाता है। इसके बाद ग्रामीणों को कई किमी की अतिरिक्त दूरी तय कर धरासू-जोगथ मोटर मार्ग से आवाजाही करनी पड़ती है। जिससे क्षेत्र में रसद एवं ईंधन का संकट गहरा जाता है। आजकल झील का स्तर 788 मीटर तक पहुंच गया है। 815 मीटर पर देवीसौड़ का पुराना पुल झील में समाने पर यह क्षेत्र अलग-थलग पड़ जाएगा।
बलवीर चौहान, भगवती नौटियाल, राजीव नौटियाल ने बताया कि धरासू-जोगथ मोटर मार्ग दस दिनों से नेरी के पास भूस्खलन से अवरुद्ध पड़ा है। ग्रामीणों द्वारा आंदोलन करने पर मार्च 2013 में राज्य सरकार ने यहां 42 करोड़ रुपये की लागत से पुल का निर्माण शुरू कराया था। तब 18 माह में पुल तैयार करने के दावे किए, लेकिन अभी तक महज तीस फीसदी काम हो पाए हैं।
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देवीसौड़ पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। पुल को जल्द तैयार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। धरासू-जोगथ सड़क अवरुद्ध होने से पुल का काम प्रभावित हो रहा है।
आरके तिवारी, अधिशासी अभियंता, पुनर्वास टीएचडीसी।
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टिहरी बांध की झील दिचली-गमरी पट्टी के 42 गांवों के लिए अभिशाप बनी हुई है। बरसात में झील का जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र की पैदल आवाजाही का एक मात्र देवीसौड़ पुल कई माह के लिए झील में जलमग्न हो जाता है। इसके बाद ग्रामीणों को कई किमी की अतिरिक्त दूरी तय कर धरासू-जोगथ मोटर मार्ग से आवाजाही करनी पड़ती है। जिससे क्षेत्र में रसद एवं ईंधन का संकट गहरा जाता है। आजकल झील का स्तर 788 मीटर तक पहुंच गया है। 815 मीटर पर देवीसौड़ का पुराना पुल झील में समाने पर यह क्षेत्र अलग-थलग पड़ जाएगा।
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बलवीर चौहान, भगवती नौटियाल, राजीव नौटियाल ने बताया कि धरासू-जोगथ मोटर मार्ग दस दिनों से नेरी के पास भूस्खलन से अवरुद्ध पड़ा है। ग्रामीणों द्वारा आंदोलन करने पर मार्च 2013 में राज्य सरकार ने यहां 42 करोड़ रुपये की लागत से पुल का निर्माण शुरू कराया था। तब 18 माह में पुल तैयार करने के दावे किए, लेकिन अभी तक महज तीस फीसदी काम हो पाए हैं।
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देवीसौड़ पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। पुल को जल्द तैयार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। धरासू-जोगथ सड़क अवरुद्ध होने से पुल का काम प्रभावित हो रहा है।
आरके तिवारी, अधिशासी अभियंता, पुनर्वास टीएचडीसी।