{"_id":"621a24c39ba46212276f70ea","slug":"16-lakh-tourist-facility-and-information-center-ruined-utter-kashi-news-drn405043751","type":"story","status":"publish","title_hn":"16 लाख का पर्यटक सुविधा व सूचना केंद्र हुआ खंडहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
16 लाख का पर्यटक सुविधा व सूचना केंद्र हुआ खंडहर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यमुनोत्री हाईवे पर कुंवा गांव के समीप बना पर्यटक सुविधा एवं सूचना केंद्र बगैर उपयोग के ही खंडहर में तब्दील हो गया है। 16 लाख की लागत से तैयार इस केंद्र का डेढ़ दशक बाद भी उपयोग नहीं होने से सरकारी धन के दुरुपयोग पर भी सवाल उठ रहे हैं। वहीं विभाग अब उक्त केंद्र को पीपीपी मोड पर देने की बात कह रहा है।
वर्ष 2005 में कार्यदायी संस्था गढ़वाल मंडल विकास निगम देहरादून ने चारधाम यात्रा पर आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए कुंवा गांव के पास पर्यटक सुविधा एवं सूचना केंद्र का निर्माण करवाया था, जिससे चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों को इसका लाभ मिल सके। इस केंद्र में पुरुष एवं महिला विश्राम कक्ष, शौचालय, स्नानागार एवं यात्री सूचना केंद्र बनाए गए थे। जिसका डेढ़ दशक बाद भी उपयोग नहीं हो पाया और अब इतनी बड़ी लागत से बना यह भवन सरकारी धन के दुरुपयोग की पोल खोल रहा है। प्रधान शांती प्रसाद थपलियाल का कहना है कि यह सरकारी भवन बगैर उपयोग के ही खंडहर हो गया है। उन्होंने कई बार पर्यटन विभाग को भी इसके उपयोग के लिए लिखा है। ग्राम पंचायत के माध्यम से भी स्थानीय प्रशासन को सूचना केंद्र के उपयोग के लिए लिखा जाएगा।
पर्यटन विकास परिषद की ओर से बीच में केंद्र में पेट्रोल पंप का सर्वे कराया गया था, लेकिन जगह की कमी के चलते प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पाया। कारोबार की कमी के चलते भी इसका संचालन नहीं हो पा रहा है। आगे इसे पीपीपी मोड पर संचालित कराने का प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन
-राजेश वेला, क्षेत्रीय प्रबंधक, जीएमवीएन।
विज्ञापन
वर्ष 2005 में कार्यदायी संस्था गढ़वाल मंडल विकास निगम देहरादून ने चारधाम यात्रा पर आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए कुंवा गांव के पास पर्यटक सुविधा एवं सूचना केंद्र का निर्माण करवाया था, जिससे चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों को इसका लाभ मिल सके। इस केंद्र में पुरुष एवं महिला विश्राम कक्ष, शौचालय, स्नानागार एवं यात्री सूचना केंद्र बनाए गए थे। जिसका डेढ़ दशक बाद भी उपयोग नहीं हो पाया और अब इतनी बड़ी लागत से बना यह भवन सरकारी धन के दुरुपयोग की पोल खोल रहा है। प्रधान शांती प्रसाद थपलियाल का कहना है कि यह सरकारी भवन बगैर उपयोग के ही खंडहर हो गया है। उन्होंने कई बार पर्यटन विभाग को भी इसके उपयोग के लिए लिखा है। ग्राम पंचायत के माध्यम से भी स्थानीय प्रशासन को सूचना केंद्र के उपयोग के लिए लिखा जाएगा।
विज्ञापन
पर्यटन विकास परिषद की ओर से बीच में केंद्र में पेट्रोल पंप का सर्वे कराया गया था, लेकिन जगह की कमी के चलते प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पाया। कारोबार की कमी के चलते भी इसका संचालन नहीं हो पा रहा है। आगे इसे पीपीपी मोड पर संचालित कराने का प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन
-राजेश वेला, क्षेत्रीय प्रबंधक, जीएमवीएन।