Exclusive News एक्सक्लूसिव खबरें
Free E-Paper फ्री में ई-पेपर पढ़ें
ऐप डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Uttarkashi News ›   सतलुज जल विद्युत निगम ने उठाया अग्निकांड में घर-गांवों को राख होने से बचाने का बीड़ा

सतलुज जल विद्युत निगम ने उठाया अग्निकांड में घर-गांवों को राख होने से बचाने का बीड़ा

Sun, 20 Jan 2019 09:10 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 20 Jan 2019 09:10 PM IST
विज्ञापन
सतलुज जल विद्युत निगम ने उठाया अग्निकांड में घर-गांवों को राख होने से बचाने का बीड़ा
उत्तरकाशी। जनपद के दूरस्थ गांवों में आग लगने से घर मकान ही नहीं पूरे गांव स्वाह होने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अब सतलुज जल विद्युत निगम आगे आया है। आग लगने की घटनाओं के पीछे इन गांवों में घरों के भीतर ही पशुओं का सूखा चारा और जलौनी लकड़ी का भंडारण रहा है। अब ग्रामीणों को घर से हटकर चारा एवं लकड़ी भंडारण कक्ष बनाकर दिए जाएंगे। निगम ने कारपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) मद से इस कार्य के लिए 13.28 करोड़ रुपये देने का निर्णय लिया है। इस धनराशि की पहली किश्त के तौर पर पांच करोड़ का चेक मुख्यमंत्री को सौंपा गया।
विज्ञापन

बता दें कि जिले के सुदूरवर्ती गांवों में आज भी लोग लकड़ी और मिट्टी-पत्थर से बने बहुमंजिला भवनों में रहते हैं। यह मकान वास्तुशिल्प और मौसम के लिहाज से बेहद अनुकूल हैं। शीतकाल में ग्रामीण अपने घरों में पशुओं के सूखे चारे और जलौनी लकड़ी का भंडारण भी करते हैं। हल्की सी चिंगारी लगने पर जरूरत का यह सामान बारूद का काम करता है। यही कारण है कि पूर्व में हुए कई अग्निकांडों में कई घर मकान ही नहीं पूरे के पूरे गांव ही स्वाह होने की घटनाएं हो चुकी हैं। जानकार इन घटनाओं से बचने के लिए घर से हटकर चारा पत्ती और लकड़ी के भंडारण की वकालत करते रहे हैं। बीते साल मोरी प्रखंड का सावणी गांव स्वाह होने पर मुख्यमंत्री ने भी इसकी घोषणा की थी।
विज्ञापन

अब मोरी क्षेत्र में 60 मेगावाट की नैटवाड़-मोरी तथा 44 मेगावाट की जखोल-सांकरी बिजली परियोजना का निर्माण कर रहे सतलुज जल विद्युत निगम ने इस कार्य का बीड़ा उठाया है। निगम के प्रबंध निदेशक नंदलाल शर्मा ने बताया कि इसके लिए सीएसआर फंड से 13.28 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। रविवार को निगम के अधिकारियों ने देहरादून में मुख्यमंत्री को प्रथम किश्त के तौर पर 5 करोड़ रुपये का चेक भेंट किया। डीएम डा.आशीष चौहान ने बताया कि इस कार्य के लिए प्रशासन और निगम के बीच एमओयू साइन हो चुका है। इसमें कार्यदायी संस्था ग्रामीण निर्माण विभाग द्वारा मोरी, पुरोला, नौगांव एवं चिन्यालीसौड़ विकासखंड के दूरस्थ गांवों में 3579 चारा/लकड़ी भंडार कक्षों का निर्माण किया जाएगा। निगम के इस प्रयास से जनपद में आग लगने से घर एवं गांवों के राख होने की घटनाओं पर अंकुश लगने की उम्मीद है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed