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बेमौसमी बारिश से तबाह हुई खेतों में तैयार खड़ी धान की फसल-COORDINATION
Updated Mon, 24 Sep 2018 09:52 PM IST
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पुरोला (उत्तरकाशी)। बेमौसमी बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में तैयार खड़ी धान की फसल को बारिश से खासा नुकसान पहुंचा है। जिले के कई क्षेत्रों में खेतों में लगी आलू की फसल को भी बारिश से नुकसान पहुंचने की आशंका है।
इस साल रोपाई के समय कम बारिश होने से जिले के किसानों को पहले ही सामान्य से कम उत्पादन की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। आजकल अधिकांश क्षेत्रों में धान की फसल तैयार है। कई जगह तो किसान धान की कटाई एवं मंडाई में लगे हुए हैं। ऐसे में तीन दिनों से लगातार जारी बारिश ने रही सही फसल पर भी पानी फेर दिया है। पुरोला ब्लाक के ढकाड़ा, कुफारा, मैराणा, रतेड़ी, दणमाणा, करड़ा, पुजेली, खलाड़ी, नेत्री आदि गांवों में खेतों में तैयार खड़ी धान की फसल बारिश की मार से खेतों में बिछ गई। जिले में अन्य स्थानों पर जहां धान की कटाई चल रही थी, वहां भी बारिश के चलते धान की मंडाई अधर में लटक गई है। धान की कटी हुई फसल भी बारिश से खराब हो रही है।
धान के अलावा जिले में आलू की फसल पर भी बारिश की मार पड़ी है। जिन जगहों पर लोगों ने अभी तक खेतों से आलू की खुदाई नहीं की, वहां बारिश से खेतों में ही आलू सड़ने का खतरा पैदा हो गया है। बेमौसमी बारिश से फसलें तबाह होने से किसान मायूस हैं। पुरोला क्षेत्र के गजेंद्र चौहान आदि काश्तकारों ने बारिश से धान आदि की फसलों को हुए नुकसान की जानकारी प्रशासन को देते हुए प्रभावित काश्तकारों को मुआवजा देने की मांग की है।
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इस साल रोपाई के समय कम बारिश होने से जिले के किसानों को पहले ही सामान्य से कम उत्पादन की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। आजकल अधिकांश क्षेत्रों में धान की फसल तैयार है। कई जगह तो किसान धान की कटाई एवं मंडाई में लगे हुए हैं। ऐसे में तीन दिनों से लगातार जारी बारिश ने रही सही फसल पर भी पानी फेर दिया है। पुरोला ब्लाक के ढकाड़ा, कुफारा, मैराणा, रतेड़ी, दणमाणा, करड़ा, पुजेली, खलाड़ी, नेत्री आदि गांवों में खेतों में तैयार खड़ी धान की फसल बारिश की मार से खेतों में बिछ गई। जिले में अन्य स्थानों पर जहां धान की कटाई चल रही थी, वहां भी बारिश के चलते धान की मंडाई अधर में लटक गई है। धान की कटी हुई फसल भी बारिश से खराब हो रही है।
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धान के अलावा जिले में आलू की फसल पर भी बारिश की मार पड़ी है। जिन जगहों पर लोगों ने अभी तक खेतों से आलू की खुदाई नहीं की, वहां बारिश से खेतों में ही आलू सड़ने का खतरा पैदा हो गया है। बेमौसमी बारिश से फसलें तबाह होने से किसान मायूस हैं। पुरोला क्षेत्र के गजेंद्र चौहान आदि काश्तकारों ने बारिश से धान आदि की फसलों को हुए नुकसान की जानकारी प्रशासन को देते हुए प्रभावित काश्तकारों को मुआवजा देने की मांग की है।
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