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आपदा में क्षतिग्रस्त नहर एवं रास्ता नहीं बनने से ग्रामीणों में रोष
Updated Sun, 23 Sep 2018 09:16 PM IST
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उत्तरकाशी। वर्ष 2013 की आपदा में डुंडा के पुराना बाजार क्षेत्र में क्षतिग्रस्त हुई सिंचाई नहर व रास्ते का वर्षों बाद भी पुनर्निर्माण नहीं होने पर ग्रामीणों में रोष है।
पतंजलि योग समिति डुंडा के प्रभारी शिवानंद भट्ट ने बताया कि वर्ष 2013 की आपदा में डुंडा पुराना बाजार क्षेत्र में बनी सिंचाई नहर व रास्ते का करीब 300 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके चलते ग्रामीणों के लिए अपने खेतों तक पहुंच पाना व उनकी सिंचाई करना दुर्भर हो गया था। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त हिस्से का पुनर्निर्माण कराने के लिए संबंधित विभागों सहित शासन-प्रशासन से कई बार मांग की गई। यहां तक कि मुख्यमंत्री द्वारा मामले का संज्ञान लेने के बाद एसडीएम डुंडा ने अगस्त 2018 में मामले की जांच की थी, जिसमें उन्होंने सिंचाई नहर व रास्ता क्षतिग्रस्त होने की पुष्टि करते हुए क्षेत्र में मनरेगा के तहत पुनर्निर्माण कराने की बात कही थी, लेकिन इसके बाद भी शासन-प्रशासन की ओर से कार्य आरंभ नहीं कराया गया है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही नहर व रास्ते का पुनर्निर्माण नहीं कराया गया, तो ग्रामीण न्यायालय की शरण लेंगे।
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पतंजलि योग समिति डुंडा के प्रभारी शिवानंद भट्ट ने बताया कि वर्ष 2013 की आपदा में डुंडा पुराना बाजार क्षेत्र में बनी सिंचाई नहर व रास्ते का करीब 300 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके चलते ग्रामीणों के लिए अपने खेतों तक पहुंच पाना व उनकी सिंचाई करना दुर्भर हो गया था। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त हिस्से का पुनर्निर्माण कराने के लिए संबंधित विभागों सहित शासन-प्रशासन से कई बार मांग की गई। यहां तक कि मुख्यमंत्री द्वारा मामले का संज्ञान लेने के बाद एसडीएम डुंडा ने अगस्त 2018 में मामले की जांच की थी, जिसमें उन्होंने सिंचाई नहर व रास्ता क्षतिग्रस्त होने की पुष्टि करते हुए क्षेत्र में मनरेगा के तहत पुनर्निर्माण कराने की बात कही थी, लेकिन इसके बाद भी शासन-प्रशासन की ओर से कार्य आरंभ नहीं कराया गया है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही नहर व रास्ते का पुनर्निर्माण नहीं कराया गया, तो ग्रामीण न्यायालय की शरण लेंगे।
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