{"_id":"5ba279a5867a557ed20b1f0f","slug":"153737461115-utter-kashi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरबडियार क्षेत्र के ग्रामीणों ने उठाई विद्युत व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरबडियार क्षेत्र के ग्रामीणों ने उठाई विद्युत व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग
Updated Wed, 19 Sep 2018 10:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तरकाशी। पुरोला के सरबडियार क्षेत्र के ग्रामीणों ने क्षेत्र में लंबे समय से ठप पड़ी विद्युत आपूर्ति समेत अन्य मूलभूत सुविधाएं दुरुस्त करने की गुहार लगाई है। समस्याओं को लेकर डीएम से मिलने पहुंचे ग्रामीणों ने शीघ्र समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
बुधवार को सरबडियार क्षेत्र के कैलाश सिंह रावत के नेतृत्व में ग्रामीण डीएम से मिलने जिला मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने बताया कि आजादी के दशकों बाद तीन माह पूर्व ही क्षेत्र के लेवटाड़ी, डिंगाड़ी, किमडार, छानिका, पौंटी, गौल आदि गांवों को ग्रिड की लाइन से जोड़ा गया था, लेकिन तकनीकी दिक्कतों एवं आपदा के चलते चंद दिनों बाद ही विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। इस संबंध में कई बार शिकायत करने पर भी ऊर्जा निगम के अधिकारी-कर्मचारी सुनवाई करने को राजी नहीं। ग्रामीणों ने कहा कि मूलभूत सुविधाओं के अभाव में क्षेत्र के लोग आजादी के दशकों बाद भी आदिम युग में जीने को मजबूर हैं, जिससे ग्रामीणों में शासन-प्रशासन एवं सरकार के खिलाफ रोष पनप रहा है।
विज्ञापन
बुधवार को सरबडियार क्षेत्र के कैलाश सिंह रावत के नेतृत्व में ग्रामीण डीएम से मिलने जिला मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने बताया कि आजादी के दशकों बाद तीन माह पूर्व ही क्षेत्र के लेवटाड़ी, डिंगाड़ी, किमडार, छानिका, पौंटी, गौल आदि गांवों को ग्रिड की लाइन से जोड़ा गया था, लेकिन तकनीकी दिक्कतों एवं आपदा के चलते चंद दिनों बाद ही विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। इस संबंध में कई बार शिकायत करने पर भी ऊर्जा निगम के अधिकारी-कर्मचारी सुनवाई करने को राजी नहीं। ग्रामीणों ने कहा कि मूलभूत सुविधाओं के अभाव में क्षेत्र के लोग आजादी के दशकों बाद भी आदिम युग में जीने को मजबूर हैं, जिससे ग्रामीणों में शासन-प्रशासन एवं सरकार के खिलाफ रोष पनप रहा है।
विज्ञापन