{"_id":"5b9be9b1867a557f565e4a39","slug":"153694454413compat-utter-kashi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोल्ड स्टोर चालू नहीं होने से औने-पौने दामों पर सेब बेचने को मजबूर हैं किसान-compat","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोल्ड स्टोर चालू नहीं होने से औने-पौने दामों पर सेब बेचने को मजबूर हैं किसान-compat
Updated Fri, 14 Sep 2018 10:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
उत्तरकाशी। सेब उत्पादन के लिए विख्यात उपला टकनौर क्षेत्र में सेब की फसल तैयार है, लेकिन अभी तक झाला में तैयार कोल्ड स्टोर चालू नहीं हो पाया है। सेब उत्पादन के लिए मशहूर इस क्षेत्र के किसानों को उम्मीद थी कि कोल्ड स्टोर का उपयोग कर वे ऑफ सीजन में ज्यादा मुनाफे के साथ अपना सेब बेच पाएंगे, लेकिन अब वे फिर से औने-पौने दामों पर अपना उम्दा किस्म का सेब बाहर से आए व्यापारियों को बेचने को मजबूर हैं।
हर्षिल उपला टकनौर क्षेत्र में ही सालाना 3900 मीट्रिक टन सेब का उत्पादन होता है। क्षेत्र में पैदा होने वाले खुशबूदार रसीले डेलीशियस सेब की देश-विदेश में खासी मांग है। हालांकि अलग राज्य गठन के बाद भी सेब के भंडारण और विपणन का ठोस ढांचा नहीं बन पाने के कारण हर साल किसान अपना सेब बाहर से आए व्यापारियों को औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर थे। किसानों की मांग पर सरकार ने 8.10 करोड़ रुपये लागत से झाला में कोल्ड स्टोर का निर्माण कराया है। बीते साल बनकर तैयार हो चुके इस अत्याधुनिक कोल्ड स्टोर की क्षमता 1200 मीट्रिक टन है। अब क्षेत्र में सेब की फसल तैयार है, लेकिन अभी तक कोल्ड स्टोर चालू होना तो दूर इसके संचालन का कोई ड्राफ्ट तक धरातल पर नहीं आया है। कोल्ड स्टोर चलाने के लिए 216 किलोवाट बिजली की जरूरत है, पर अभी तक बिजली का कनेक्शन नहीं हुआ है।
कोल्ड स्टोर का संचालन हो तो मिले किसानों को फायदा
उत्तरकाशी। हर्षिल के सेब किसान डा. नागेंद्र रावत, सुक्की के मोहन सिंह राणा आदि का कहना है कि फसल के समय व्यापारी उनका ‘ए’ ग्रेड का सेब 48 से 55 रुपये, ‘बी’ ग्रेड का सेब 25 से 28 रुपये तथा ‘सी’ ग्रेड का सेब 10 से 12 रुपये किलो की दर से खरीदते हैं, जबकि यही सेब बाहर अच्छी कीमतों पर बिकता है और ऑफ सीजन में तो इसके दोगुने से भी ज्यादा दाम मिल जाते हैं। किसानों की योजना सामान्य खर्चों की जरूरत का सेब सीजन में बेचने के बाद शेष सेब कोल्ड स्टोर में भंडारण कर ऑफ सीजन में बेचने की है, लेकिन अभी तक कोल्ड स्टोर चालू नहीं होने पर उन्हें पहले की तरह औने-पौने दामों पर सेब बाहर से आए व्यापारियों को बेचने पड़ रहे हैं।
विज्ञापन
कोट...........
झाला कोल्ड स्टोर संचालन का जिम्मा निविदा के माध्यम से तीन साल के लिए गुड़गांव की एक कंपनी को दिया गया है। अनुबंध की औपचारिकता पूरी होते ही उक्त कंपनी कोल्ड स्टोर संचालित करेगी। यहां बिजली के कनेक्शन के लिए आवेदन कर दिया गया है। कोल्ड स्टोर के संचालन पर आने वाला खर्च ही किसानों से किराए के तौर पर लिया जाएगा।
-अनिल कुमार, महाप्रबंधक मंडी परिषद देहरादून।
हर्षिल उपला टकनौर क्षेत्र में ही सालाना 3900 मीट्रिक टन सेब का उत्पादन होता है। क्षेत्र में पैदा होने वाले खुशबूदार रसीले डेलीशियस सेब की देश-विदेश में खासी मांग है। हालांकि अलग राज्य गठन के बाद भी सेब के भंडारण और विपणन का ठोस ढांचा नहीं बन पाने के कारण हर साल किसान अपना सेब बाहर से आए व्यापारियों को औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर थे। किसानों की मांग पर सरकार ने 8.10 करोड़ रुपये लागत से झाला में कोल्ड स्टोर का निर्माण कराया है। बीते साल बनकर तैयार हो चुके इस अत्याधुनिक कोल्ड स्टोर की क्षमता 1200 मीट्रिक टन है। अब क्षेत्र में सेब की फसल तैयार है, लेकिन अभी तक कोल्ड स्टोर चालू होना तो दूर इसके संचालन का कोई ड्राफ्ट तक धरातल पर नहीं आया है। कोल्ड स्टोर चलाने के लिए 216 किलोवाट बिजली की जरूरत है, पर अभी तक बिजली का कनेक्शन नहीं हुआ है।
विज्ञापन
कोल्ड स्टोर का संचालन हो तो मिले किसानों को फायदा
उत्तरकाशी। हर्षिल के सेब किसान डा. नागेंद्र रावत, सुक्की के मोहन सिंह राणा आदि का कहना है कि फसल के समय व्यापारी उनका ‘ए’ ग्रेड का सेब 48 से 55 रुपये, ‘बी’ ग्रेड का सेब 25 से 28 रुपये तथा ‘सी’ ग्रेड का सेब 10 से 12 रुपये किलो की दर से खरीदते हैं, जबकि यही सेब बाहर अच्छी कीमतों पर बिकता है और ऑफ सीजन में तो इसके दोगुने से भी ज्यादा दाम मिल जाते हैं। किसानों की योजना सामान्य खर्चों की जरूरत का सेब सीजन में बेचने के बाद शेष सेब कोल्ड स्टोर में भंडारण कर ऑफ सीजन में बेचने की है, लेकिन अभी तक कोल्ड स्टोर चालू नहीं होने पर उन्हें पहले की तरह औने-पौने दामों पर सेब बाहर से आए व्यापारियों को बेचने पड़ रहे हैं।
विज्ञापन
कोट...........
झाला कोल्ड स्टोर संचालन का जिम्मा निविदा के माध्यम से तीन साल के लिए गुड़गांव की एक कंपनी को दिया गया है। अनुबंध की औपचारिकता पूरी होते ही उक्त कंपनी कोल्ड स्टोर संचालित करेगी। यहां बिजली के कनेक्शन के लिए आवेदन कर दिया गया है। कोल्ड स्टोर के संचालन पर आने वाला खर्च ही किसानों से किराए के तौर पर लिया जाएगा।
-अनिल कुमार, महाप्रबंधक मंडी परिषद देहरादून।