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तीन दिन बाद भी नहीं हटा यमुनोत्री धाम पैदल मार्ग से मलबा
Updated Fri, 06 Jul 2018 10:44 PM IST
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बड़कोट। यमुनोत्री धाम पैदल मार्ग में भूस्खलन के साथ आए मलबे को तीन दिन बीतने बाद भी हटाया नहीं गया है, जिससे तीर्थयात्रियों को इस दुर्गम क्षेत्र में जोखिम भरी आवाजाही करनी पड़ रही है। चारधाम यात्रा को लेकर प्रशासन द्वारा की जा रही लापरवाही पर पुरोहित समाज ने नाराजगी व्यक्त की है।
बता दें कि विगत चार दिन से बंद यमुनोत्री राजमार्ग में बृहस्पतिवार को यातायात सुचारु होने के बाद एक बार फिर तीर्थयात्री यमुनोत्री धाम का रुख करने लगे हैं, लेकिन जानकीचट्टी से दुर्गम चढ़ाई कर रहे यात्रियों को तीन किमी पर स्थित भिंडियाली गाड़ में फैले मलबे के कारण भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है। यमुनोत्री धाम के पुरोहित मनमोहन उनियाल, प्यारेलाल उनियाल आदि ने कहा कि तीन दिन पहले हुई बारिश के दौरान इस स्थान पर भूस्खलन हुआ था, जिससे पैदल मार्ग का बड़ा हिस्सा मलबे और बोल्डर से पट गया था। लेकिन प्रशासन ने अभी तक मलबे को हटाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे घोड़े-खच्चर, डंडी-कंडी एवं पैदल यात्रियों को मलबे के ढेर के ऊपर से होकर जोखिम भरी आवाजाही करनी पड़ रही है। उधर, एसडीएम तुषार सैनी ने मलबा नहीं हटाए जाने को गंभीर लापरवाही बताया। उन्होंने कहा कि जल्द ही मलबे को हटाकर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि विगत चार दिन से बंद यमुनोत्री राजमार्ग में बृहस्पतिवार को यातायात सुचारु होने के बाद एक बार फिर तीर्थयात्री यमुनोत्री धाम का रुख करने लगे हैं, लेकिन जानकीचट्टी से दुर्गम चढ़ाई कर रहे यात्रियों को तीन किमी पर स्थित भिंडियाली गाड़ में फैले मलबे के कारण भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है। यमुनोत्री धाम के पुरोहित मनमोहन उनियाल, प्यारेलाल उनियाल आदि ने कहा कि तीन दिन पहले हुई बारिश के दौरान इस स्थान पर भूस्खलन हुआ था, जिससे पैदल मार्ग का बड़ा हिस्सा मलबे और बोल्डर से पट गया था। लेकिन प्रशासन ने अभी तक मलबे को हटाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे घोड़े-खच्चर, डंडी-कंडी एवं पैदल यात्रियों को मलबे के ढेर के ऊपर से होकर जोखिम भरी आवाजाही करनी पड़ रही है। उधर, एसडीएम तुषार सैनी ने मलबा नहीं हटाए जाने को गंभीर लापरवाही बताया। उन्होंने कहा कि जल्द ही मलबे को हटाकर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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