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हाईकोर्ट के आदेश से आपदा घोटाले का जिन्न बाहर आने की उम्मीद
Updated Sun, 01 Jul 2018 10:16 PM IST
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उत्तरकाशी। हाईकोर्ट द्वारा आपदा मुआवजा वितरण की उच्चस्तरीय जांच के आदेश जारी होने के बाद एक बार फिर आपदा घोटाले का जिन्न बाहर आने की उम्मीद है। इससे जहां एक से अधिक बार मुआवजा लेने वालों का खुलासा होगा, वहीं महज दस माह के भीतर जिले में आयी दो आपदाओं में राहत मुआवजा वितरण में अलग-अलग मानक अपनाए जाने के मुद्दे पर भी लोग न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
वर्ष 2013 की आपदा में घर गवांने वाले प्रभावितों को सरकार ने विश्व बैंक की मदद से घर बनाने के लिए मोटी रकम दी। इसमें कई लोगों ने एक ही परिवार में एक से अधिक परिवार दिखाकर योजना का फायदा उठाया, जबकि महज दस माह पूर्व आपदा में अपना सब कुछ लुटाने वाले प्रभावित आज भी समुचित राहत मुआवजे के लिए दर-दर भटकने के साथ ही अस्थायी ठिकानों पर जीवन जीने को मजबूर हैं। गंगोरी के आपदा प्रभावित केशर सिंह पंवार का कहना है कि हाईकोर्ट से उच्चस्तरीय जांच के आदेश होने के बाद अब राहत मुआवजा वितरण में हुआ बड़ा घोटाला सामने आने की उम्मीद है। बता दें कि राहत मुआवजा वितरण में गड़बड़ी की एक याचिका पर हाईकोर्ट ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश देते हुए परिवहन आयुक्त डी सैंथिल पांडियन को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। उन्हें तीन माह के भीतर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
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वर्ष 2013 की आपदा में घर गवांने वाले प्रभावितों को सरकार ने विश्व बैंक की मदद से घर बनाने के लिए मोटी रकम दी। इसमें कई लोगों ने एक ही परिवार में एक से अधिक परिवार दिखाकर योजना का फायदा उठाया, जबकि महज दस माह पूर्व आपदा में अपना सब कुछ लुटाने वाले प्रभावित आज भी समुचित राहत मुआवजे के लिए दर-दर भटकने के साथ ही अस्थायी ठिकानों पर जीवन जीने को मजबूर हैं। गंगोरी के आपदा प्रभावित केशर सिंह पंवार का कहना है कि हाईकोर्ट से उच्चस्तरीय जांच के आदेश होने के बाद अब राहत मुआवजा वितरण में हुआ बड़ा घोटाला सामने आने की उम्मीद है। बता दें कि राहत मुआवजा वितरण में गड़बड़ी की एक याचिका पर हाईकोर्ट ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश देते हुए परिवहन आयुक्त डी सैंथिल पांडियन को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। उन्हें तीन माह के भीतर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
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