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रेसगी गांव में नहीं थमा डायरिया का प्रकोप
Updated Sat, 30 Jun 2018 10:52 PM IST
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उत्तरकाशी। टिपरा ग्राम पंचायत के रेसगी गांव में उल्टी-दस्त का प्रकोप पूरी तरह थम नहीं पा रहा है। बीते एक पखवाड़े के भीतर यहां दो लोगों की उल्टी-दस्त से मौत हो चुकी है, जबकि अब भी करीब आधा दर्जन लोग डायरिया से पीड़ित हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने गांव का दौरा कर मामले की पड़ताल की बात कही है।
21 जून को पीतांबर व्यास (48) को उल्टी-दस्त होने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गांव के उपप्रधान मदन मोहन ने बताया कि जिला अस्पताल में तबियत में सुधार नहीं होने पर उन्हें बीते 27 जून को देहरादून रेफर किया गया, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया था। गांव में अभी भी करीब आधा दर्जन लोग उल्टी-दस्त से ग्रस्त हैं। इनमें महिमानंद एवं कामेश्वरी देवी की तबियत ज्यादा खराब है। उन्होंने बताया कि गांव में दो बार आई मेडिकल टीम ने ग्रामीणों को दवाएं तो वितरित कीं, लेकिन दूषित पानी के कारण बीमारी पर नियंत्रण नहीं लग पा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. विनोद नौटियाल का कहना है कि गांव में दो बार मेडिकल टीम भेजकर ग्रामीणों को दवाएं वितरित करने के साथ ही जरूरी एहतियात बरतने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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21 जून को पीतांबर व्यास (48) को उल्टी-दस्त होने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गांव के उपप्रधान मदन मोहन ने बताया कि जिला अस्पताल में तबियत में सुधार नहीं होने पर उन्हें बीते 27 जून को देहरादून रेफर किया गया, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया था। गांव में अभी भी करीब आधा दर्जन लोग उल्टी-दस्त से ग्रस्त हैं। इनमें महिमानंद एवं कामेश्वरी देवी की तबियत ज्यादा खराब है। उन्होंने बताया कि गांव में दो बार आई मेडिकल टीम ने ग्रामीणों को दवाएं तो वितरित कीं, लेकिन दूषित पानी के कारण बीमारी पर नियंत्रण नहीं लग पा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. विनोद नौटियाल का कहना है कि गांव में दो बार मेडिकल टीम भेजकर ग्रामीणों को दवाएं वितरित करने के साथ ही जरूरी एहतियात बरतने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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