{"_id":"5b2a8c7b4f1c1bf86e8b8f68","slug":"15295151336-utter-kashi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर पंचायत प्रतिनिधियों ने किया हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर पंचायत प्रतिनिधियों ने किया हंगामा
Updated Wed, 20 Jun 2018 10:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुरोला (उत्तरकाशी)। क्षेत्र विकास समिति की बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों ने जल संस्थान के एई व मनरेगा के एकाउंटेंट और उप कार्यक्रम अधिकारी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उनके ट्रांसफर की मांग की। हंगामा बढ़ने पर प्रभारी सीडीओ ने दस दिन के भीतर ट्रांसफर का आश्वासन दिया, तब बैठक शुरू हो पायी। बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों ने जल संस्थान, लोनिवि एवं सिंचाई विभाग से जुड़ी समस्याएं उठाई।
बुधवार को विकासखंड सभागार में प्रमुख शारदा राणा की अध्यक्षता में पुरोला की बीडीसी बैठक हुई, जिसमें सदस्यों ने तीन अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाकर उनके स्थानांतरण की मांग करते हुए बैठक के बहिष्कार की चेतावनी दी। हंगामा बढ़ते देख प्रभारी सीडीओ संजय सिंह ने दस दिन के भीतर ट्रांसफर का आश्वासन दिया, जिस पर सदस्य शांत हुए। सदस्यों ने कहा कि जल संस्थान की गुंदियाटगांव एवं पुरोला नगर की पेयजल योजनाओं से दूषित पानी की आपूर्ति की जा रही है, जिससे बीमारियों का खतरा बना हुआ है। क्षेत्र की अधिकांश सिंचाई नहरें क्षतिग्रस्त होने पर रोष जताया।
सदस्यों ने कहा कि खाबली-गुंदियाटगांव, पोरा-रामा, चंदेली-नेत्री आदि मोटर मार्ग खस्ताहाल पड़े हैं। विभाग सड़कें व नालियां ठीक करने के बजाय अनावश्यक पुश्तों पर बजट ठिकाने लगा रहा है। लाखों के लागत से बने पुश्ते बरसात में ढह जाते हैं। सतेंद्र राणा ने कहा कि खाबली-गुंदियाटगांव सड़क पर विभाग हर साल पैच वर्क कराता है, जो कुछ दिन में ही उखड़ जाता है। इस मौके पर बीडीओ डीएस भंडारी सहित कई मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार को विकासखंड सभागार में प्रमुख शारदा राणा की अध्यक्षता में पुरोला की बीडीसी बैठक हुई, जिसमें सदस्यों ने तीन अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाकर उनके स्थानांतरण की मांग करते हुए बैठक के बहिष्कार की चेतावनी दी। हंगामा बढ़ते देख प्रभारी सीडीओ संजय सिंह ने दस दिन के भीतर ट्रांसफर का आश्वासन दिया, जिस पर सदस्य शांत हुए। सदस्यों ने कहा कि जल संस्थान की गुंदियाटगांव एवं पुरोला नगर की पेयजल योजनाओं से दूषित पानी की आपूर्ति की जा रही है, जिससे बीमारियों का खतरा बना हुआ है। क्षेत्र की अधिकांश सिंचाई नहरें क्षतिग्रस्त होने पर रोष जताया।
विज्ञापन
सदस्यों ने कहा कि खाबली-गुंदियाटगांव, पोरा-रामा, चंदेली-नेत्री आदि मोटर मार्ग खस्ताहाल पड़े हैं। विभाग सड़कें व नालियां ठीक करने के बजाय अनावश्यक पुश्तों पर बजट ठिकाने लगा रहा है। लाखों के लागत से बने पुश्ते बरसात में ढह जाते हैं। सतेंद्र राणा ने कहा कि खाबली-गुंदियाटगांव सड़क पर विभाग हर साल पैच वर्क कराता है, जो कुछ दिन में ही उखड़ जाता है। इस मौके पर बीडीओ डीएस भंडारी सहित कई मौजूद रहे।
विज्ञापन