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ग्रामीणों ने की पालुका मोटर मार्ग निर्माण की मांग
Updated Fri, 11 May 2018 10:40 PM IST
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नौगांव (उत्तरकाशी)। मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत स्वीकृत पालुका मोटर मार्ग का करीब छह साल बाद भी निर्माण नहीं होने पर ग्रामीणों में रोष है। आक्रोशित ग्रामीणों ने जल्द ही मोटर मार्ग का निर्माण नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
करीब 400 की आबादी वाले पालुका गांव को सड़क सुविधा देने के लिए वर्ष 2012 में मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत डेढ़ किमी सड़क स्वीकृत हुई थी। कुवां-कफनौल मार्ग से पालुका गांव को जोड़ने वाले इस मोटर मार्ग के एलाइनमेंट में आ रही कृषि भूमि के प्रतिकर के रूप में करीब 27 लाख रुपये भी बांट दिए गए, लेकिन अभी तक लोनिवि ने सड़क का निर्माण शुरू नहीं किया है। इससे ग्रामीणों को रोजमर्रा के कार्यों के लिए कई किमी पैदल चलना पड़ रहा है, जबकि काश्तकारों को बाजार तक फसल पहुंचाने के लिए मोटी रकम खर्च कर घोड़े खच्चर का सहारा लेना पड़ता है।
प्रधान विशुला देवी, कमल राणा आदि का कहना है कि करीब छह साल बाद भी मोटर मार्ग का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इस संबंध में ग्रामीण कई बार लोनिवि के अधिकारियों से वार्ता कर चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। उधर, लोनिवि के अधिशासी अभियंता जेपी रतूड़ी ने कहा कि प्रथम चरण की स्वीकृति में ग्रामीणों को प्रतिकर बांटा जा चुका है, लेकिन शासन से द्वितीय चरण की वित्तीय स्वीकृति अभी तक नहीं मिल पाई है। वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जा सकेगी।
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करीब 400 की आबादी वाले पालुका गांव को सड़क सुविधा देने के लिए वर्ष 2012 में मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत डेढ़ किमी सड़क स्वीकृत हुई थी। कुवां-कफनौल मार्ग से पालुका गांव को जोड़ने वाले इस मोटर मार्ग के एलाइनमेंट में आ रही कृषि भूमि के प्रतिकर के रूप में करीब 27 लाख रुपये भी बांट दिए गए, लेकिन अभी तक लोनिवि ने सड़क का निर्माण शुरू नहीं किया है। इससे ग्रामीणों को रोजमर्रा के कार्यों के लिए कई किमी पैदल चलना पड़ रहा है, जबकि काश्तकारों को बाजार तक फसल पहुंचाने के लिए मोटी रकम खर्च कर घोड़े खच्चर का सहारा लेना पड़ता है।
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प्रधान विशुला देवी, कमल राणा आदि का कहना है कि करीब छह साल बाद भी मोटर मार्ग का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इस संबंध में ग्रामीण कई बार लोनिवि के अधिकारियों से वार्ता कर चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। उधर, लोनिवि के अधिशासी अभियंता जेपी रतूड़ी ने कहा कि प्रथम चरण की स्वीकृति में ग्रामीणों को प्रतिकर बांटा जा चुका है, लेकिन शासन से द्वितीय चरण की वित्तीय स्वीकृति अभी तक नहीं मिल पाई है। वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जा सकेगी।
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