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पिलंगगाड परियोजना में फिर से ठप हो गया विद्युत उत्पादन
Updated Sat, 05 May 2018 10:44 PM IST
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उत्तरकाशी।
2250 किलोवाट की पिलंगगाड़ लघु जल विद्युत परियोजना एक हफ्ते से बंद पड़ी है। जल विद्युत निगम ने अस्थायी बंधा बनाकर विद्युतगृह तक पानी पहुंचाकर आपदा से क्षतिग्रस्त परियोजना की एक टरबाइन से बिजली उत्पादन शुरू किया, लेकिन 28 अप्रैल को हुई भारी बारिश से विद्युतगृह तक पानी पहुंचने से उत्पादन ठप हो गया है।
औसतन तीन करोड़ रुपये सालाना कमाई करने वाली परियोजना वर्ष 2004 में 8.90 करोड़ रुपये में तैयार हुई थी। जून 2013 की आपदा में परियोजना का हेड, पावर चैनल आदि क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिससे उत्पादन ठप हो गया था। अब लागत से ज्यादा 11.25 करोड़ रुपये मरम्मत का बजट होने के बावजूद परियोजना के हेड पर काम शुरू नहीं हो पाया है।
इसी साल फरवरी अंतिम सप्ताह में किसी तरह हेड पर अस्थायी बंधा बनाकर विद्युतगृह तक पानी पहुंचाकर एक टरबाइन से विद्युत उत्पादन शुरू किया गया। दूसरी टरबाइन तो चालू ही नहीं हो पाई। अब बीते 28 अप्रैल को क्षेत्र में मूसलाधार बारिश से पिलंगगाड़ में पानी बढ़ने पर जुगाड़ से तैयार किया गया बंधा क्षतिग्रस्त हो गया और पावर हाउस में विद्युत उत्पादन ठप हो गया।
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कोट...........
आपदा में ठप हुई परियोजना में एक नंबर टरबाइन को काफी कोशिशों के बाद भी शुरू नहीं किया जा सका है। इसे ठीक कराने के लिए निविदा आमंत्रित की गई है। पांच-छह माह में परियोजना के सभी काम पूरे कराकर पूरी क्षमता के साथ विद्युत उत्पादन शुरू किया जाएगा।
नवल किशोर चौधरी, ईई लघु जल विद्युत निगम।
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2250 किलोवाट की पिलंगगाड़ लघु जल विद्युत परियोजना एक हफ्ते से बंद पड़ी है। जल विद्युत निगम ने अस्थायी बंधा बनाकर विद्युतगृह तक पानी पहुंचाकर आपदा से क्षतिग्रस्त परियोजना की एक टरबाइन से बिजली उत्पादन शुरू किया, लेकिन 28 अप्रैल को हुई भारी बारिश से विद्युतगृह तक पानी पहुंचने से उत्पादन ठप हो गया है।
औसतन तीन करोड़ रुपये सालाना कमाई करने वाली परियोजना वर्ष 2004 में 8.90 करोड़ रुपये में तैयार हुई थी। जून 2013 की आपदा में परियोजना का हेड, पावर चैनल आदि क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिससे उत्पादन ठप हो गया था। अब लागत से ज्यादा 11.25 करोड़ रुपये मरम्मत का बजट होने के बावजूद परियोजना के हेड पर काम शुरू नहीं हो पाया है।
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इसी साल फरवरी अंतिम सप्ताह में किसी तरह हेड पर अस्थायी बंधा बनाकर विद्युतगृह तक पानी पहुंचाकर एक टरबाइन से विद्युत उत्पादन शुरू किया गया। दूसरी टरबाइन तो चालू ही नहीं हो पाई। अब बीते 28 अप्रैल को क्षेत्र में मूसलाधार बारिश से पिलंगगाड़ में पानी बढ़ने पर जुगाड़ से तैयार किया गया बंधा क्षतिग्रस्त हो गया और पावर हाउस में विद्युत उत्पादन ठप हो गया।
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आपदा में ठप हुई परियोजना में एक नंबर टरबाइन को काफी कोशिशों के बाद भी शुरू नहीं किया जा सका है। इसे ठीक कराने के लिए निविदा आमंत्रित की गई है। पांच-छह माह में परियोजना के सभी काम पूरे कराकर पूरी क्षमता के साथ विद्युत उत्पादन शुरू किया जाएगा।
नवल किशोर चौधरी, ईई लघु जल विद्युत निगम।