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पुलिस वैरीफिकेशन के बगैर बाहरी आपराधिक प्रवृति के लोगों की घुसपैठ पर कैसे लगेगी रोक?
Updated Sat, 03 Mar 2018 10:28 PM IST
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नौगांव (उत्तरकाशी)। नाबालिग के अपहरण में बाहरी आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति की संलिप्तता ने एक बार फिर दूरस्थ गांवों तक बगैर सत्यापन के बाहरी लोगों की घुसपैठ पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हर बार अपराध होने पर बाहरी लोगों के पुलिस सत्यापन की बात उठती तो है, लेकिन कभी प्रभावी ढंग से इसका अनुपालन नहीं हुआ।
दूरस्थ गांवों से पलायन कर बड़ी संख्या में लोग सड़क मार्ग से लगे जिला एवं तहसील मुख्यालय क्षेत्रों में बस रहे हैं। गांवों में अधिकांशत: महिलाएं एवं बुजुर्ग ही रह गए हैं, जिन्हें निशाना बनाना अपराधियों के लिए आसान है। गांवों में खेती-बागवानी में बड़ी संख्या में नेपाली मूल के लोग कार्य कर रहे हैं। इनमें से कई लोग तो यहां परिवार बनाकर बस भी चुके हैं।
इनके अलावा दूरस्थ गांवों तक फेरी लगाने वालों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। विभिन्न निर्माण कार्यों में भी हरियाणा, उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखंड आदि बाहरी राज्यों से बड़ी संख्या में मजदूरों की पहुंच जिले के दूरस्थ गांवों तक हुई है। इनके माध्यम से महिलाओं को बहला-फुसला कर भगा ले जाने की घटनाएं भी दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। जिले में बीते तीन सालों में ही हत्या के दस, नकबजनी के 39, चोरी के 27, अपहरण के 35, बलात्कार के 35 व तस्करी एवं मारपीट आदि के 292 मामले सामने आ चुके हैं।
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सभी थानों को बाहरी क्षेत्रों से काम कारोबार के सिलसिले में यहां रहने वालों का पुलिस सत्यापन करने के आदेश दिए गए हैं। इनमें आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों एवं संदिग्धों पर विशेष नजर रखी जाएगी। भवन मालिक भी बाहरी लोगों को किराए पर घर एवं दुकान देने से पहले इसकी सूचना पुलिस को दें, तो सहूलियत होगी।
ददनपाल, एसपी उत्तरकाशी।
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दूरस्थ गांवों से पलायन कर बड़ी संख्या में लोग सड़क मार्ग से लगे जिला एवं तहसील मुख्यालय क्षेत्रों में बस रहे हैं। गांवों में अधिकांशत: महिलाएं एवं बुजुर्ग ही रह गए हैं, जिन्हें निशाना बनाना अपराधियों के लिए आसान है। गांवों में खेती-बागवानी में बड़ी संख्या में नेपाली मूल के लोग कार्य कर रहे हैं। इनमें से कई लोग तो यहां परिवार बनाकर बस भी चुके हैं।
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इनके अलावा दूरस्थ गांवों तक फेरी लगाने वालों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। विभिन्न निर्माण कार्यों में भी हरियाणा, उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखंड आदि बाहरी राज्यों से बड़ी संख्या में मजदूरों की पहुंच जिले के दूरस्थ गांवों तक हुई है। इनके माध्यम से महिलाओं को बहला-फुसला कर भगा ले जाने की घटनाएं भी दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। जिले में बीते तीन सालों में ही हत्या के दस, नकबजनी के 39, चोरी के 27, अपहरण के 35, बलात्कार के 35 व तस्करी एवं मारपीट आदि के 292 मामले सामने आ चुके हैं।
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सभी थानों को बाहरी क्षेत्रों से काम कारोबार के सिलसिले में यहां रहने वालों का पुलिस सत्यापन करने के आदेश दिए गए हैं। इनमें आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों एवं संदिग्धों पर विशेष नजर रखी जाएगी। भवन मालिक भी बाहरी लोगों को किराए पर घर एवं दुकान देने से पहले इसकी सूचना पुलिस को दें, तो सहूलियत होगी।
ददनपाल, एसपी उत्तरकाशी।