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36 सालों से बिना भवन के संचालित हो रहा राइंका जोगत
Updated Sat, 10 Feb 2018 10:20 PM IST
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चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी)। जोगत क्षेत्र में पोखरीसौड़ में खुला जूनियर हाईस्कूल 36 साल पहले उच्चीकृत कर इंटर कालेज तो बना दिया गया, लेकिन अभी तक यह जूनियर हाईस्कूल के वर्षों पुराने चार कमरों में ही चल रहा है। यूं तो इंटर कालेज का परिसर करीब 0.09 हेक्टेयर में फैला है, लेकिन वन भूमि होने के कारण यहां भवन निर्माण की अनुमति नहीं मिल पा रही है।
वर्ष 1965 में पोखरीसौड़ जोगत में जूनियर हाईस्कूल खोला गया। इसके बाद वर्ष 1979 में विद्यालय को हाईस्कूल और फिर 1982 में इंटर कालेज में उच्चीकृत किया गया। वर्तमान में विद्यालय में 111 छात्राएं और 102 छात्र हैं। जर्जर हो चुके चार कमरों में ही इंटर कालेज की कक्षाएं एवं प्रयोगशालाएं चल रही है। इन कमरों को भी लोनिवि के इंजीनियर निष्प्रयोज्य घोषित कर चुके हैं।
महेश कुमाईं, कोमल राणा, उदयपाल परमार, राजेश रावत आदि अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय परिसर वाली जमीन वन विभाग के नाम दर्ज है। इससे भवन निर्माण की अनुमति नहीं मिल पा रही है, जिसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। जीव विज्ञान के प्रवक्ता आरपी थपलियाल बताते हैं कि एक ही कमरे में जीव विज्ञान, भौतिकी, रसायन एवं भूगोल की प्रयोगशाला चलाने में दिक्कत होती है। प्रधानाचार्य भजन सिंह राणा का कहना है कि बरसात के दौरान स्कूल चलाने में दिक्कत होती है। उच्चाधिकारियों को कई बार बता चुके हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी है।
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जोगत इंटर कालेज भवन के लिए वन भूमि हस्तांतरण में कहां दिक्कत आ रही है, इसे दिखवाया जाएगा। जल्द ही शासन स्तर पर वार्ता कर मामले का समाधान किया जाएगा।
-केदार सिंह रावत, विधायक यमुनोत्री क्षेत्र।
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वर्ष 1965 में पोखरीसौड़ जोगत में जूनियर हाईस्कूल खोला गया। इसके बाद वर्ष 1979 में विद्यालय को हाईस्कूल और फिर 1982 में इंटर कालेज में उच्चीकृत किया गया। वर्तमान में विद्यालय में 111 छात्राएं और 102 छात्र हैं। जर्जर हो चुके चार कमरों में ही इंटर कालेज की कक्षाएं एवं प्रयोगशालाएं चल रही है। इन कमरों को भी लोनिवि के इंजीनियर निष्प्रयोज्य घोषित कर चुके हैं।
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महेश कुमाईं, कोमल राणा, उदयपाल परमार, राजेश रावत आदि अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय परिसर वाली जमीन वन विभाग के नाम दर्ज है। इससे भवन निर्माण की अनुमति नहीं मिल पा रही है, जिसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। जीव विज्ञान के प्रवक्ता आरपी थपलियाल बताते हैं कि एक ही कमरे में जीव विज्ञान, भौतिकी, रसायन एवं भूगोल की प्रयोगशाला चलाने में दिक्कत होती है। प्रधानाचार्य भजन सिंह राणा का कहना है कि बरसात के दौरान स्कूल चलाने में दिक्कत होती है। उच्चाधिकारियों को कई बार बता चुके हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी है।
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जोगत इंटर कालेज भवन के लिए वन भूमि हस्तांतरण में कहां दिक्कत आ रही है, इसे दिखवाया जाएगा। जल्द ही शासन स्तर पर वार्ता कर मामले का समाधान किया जाएगा।
-केदार सिंह रावत, विधायक यमुनोत्री क्षेत्र।