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विभागीय खींचतान में उलझ कर रह गया किम्मी-कंडाऊं मोटर मार्ग
Updated Sun, 04 Feb 2018 10:24 PM IST
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नौगांव (उत्तरकाशी)। शासन से बजट नहीं मिलने से तीन वर्ष से स्वीकृत किम्मी-कंडाऊं मोटर मार्ग अधर में लटका है। वन निगम ने एलाइनमेंट में आ रहे पेड़ों के कटान के लिए 13 लाख का इस्टीमेट लोनिवि को दे दिया है, वहीं लोनिवि बजट नहीं मिलने का रोना रो रहा है। वहीं सड़क नहीं बनने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ब्लाक के किम्मी, कंडाऊं, रस्टाडी, विरेंता आदि गांवों के लिए सात किमी सड़क स्वीकृत हुई थी। सड़क से गांवों के साथ ही स्योरी फल पट्टी के किसानों को भी इसका लाभ मिलेगा। एक साल पहले लोनिवि ने तीन किमी सड़क की निविदा कर निर्माण शुरू करा दिया था। इसमें एक किमी सड़क बन भी चुकी है, लेकिन इससे आगे पेड़ों का कटान नहीं होने से काम अधर में लटका है। शेष चार किमी सड़क की अभी निविदा नहीं हो पाई है।
वर्ष 2016-17 में लागू नई नीति के अनुसार सड़क में आ रहे पेड़ों के कटान के लिए लोनिवि को इस्टीमेट के आधार पर वन निगम को पैसा देना होगा। इसके बाद पेड़ों से तैयार लकड़ी बेचकर उससे होने वाली आय की 70 प्रतिशत धनराशि वन निगम लोनिवि को लौटाएगा। इस पर दोनों विभागों के बीच तालमेल नहीं बन पाने के कारण सड़क का काम अधर में लटका हुआ है। कंडाऊं की प्रधान सुनीता नौटियाल का कहना है कि सड़क का काम एक साल से ठप है। यदि शीघ्र सड़क का निर्माण नहीं हुआ, तो क्षेत्र की जनता आंदोलन के लिए मजबूर होगी।
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वर्ष 2016-17 में लागू नई नीति के अनुसार पेड़ों का कटान वन निगम को करना है। इसके लिए वन निगम ने 13 लाख रुपये की मांग की है, लेकिन हमारे पास बजट नहीं है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है। बजट मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जेपी रतूड़ी, अधिशासी अभियंता लोनिवि बड़कोट।
किम्मी-कंडाऊं मोटर मार्ग में आ रहे पेड़ों के कटान का 13 लाख रुपये का प्राकलन तैयार कर लोनिवि को सौंपा जा चुका है। अभी तक बजट उपलब्ध नहीं कराया गया है। बजट मिलते ही पेड़ों का कटान किया जाएगा।
मुकेश कुमार, डीएलएम वन निगम पुरोला।
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ब्लाक के किम्मी, कंडाऊं, रस्टाडी, विरेंता आदि गांवों के लिए सात किमी सड़क स्वीकृत हुई थी। सड़क से गांवों के साथ ही स्योरी फल पट्टी के किसानों को भी इसका लाभ मिलेगा। एक साल पहले लोनिवि ने तीन किमी सड़क की निविदा कर निर्माण शुरू करा दिया था। इसमें एक किमी सड़क बन भी चुकी है, लेकिन इससे आगे पेड़ों का कटान नहीं होने से काम अधर में लटका है। शेष चार किमी सड़क की अभी निविदा नहीं हो पाई है।
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वर्ष 2016-17 में लागू नई नीति के अनुसार सड़क में आ रहे पेड़ों के कटान के लिए लोनिवि को इस्टीमेट के आधार पर वन निगम को पैसा देना होगा। इसके बाद पेड़ों से तैयार लकड़ी बेचकर उससे होने वाली आय की 70 प्रतिशत धनराशि वन निगम लोनिवि को लौटाएगा। इस पर दोनों विभागों के बीच तालमेल नहीं बन पाने के कारण सड़क का काम अधर में लटका हुआ है। कंडाऊं की प्रधान सुनीता नौटियाल का कहना है कि सड़क का काम एक साल से ठप है। यदि शीघ्र सड़क का निर्माण नहीं हुआ, तो क्षेत्र की जनता आंदोलन के लिए मजबूर होगी।
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वर्ष 2016-17 में लागू नई नीति के अनुसार पेड़ों का कटान वन निगम को करना है। इसके लिए वन निगम ने 13 लाख रुपये की मांग की है, लेकिन हमारे पास बजट नहीं है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है। बजट मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जेपी रतूड़ी, अधिशासी अभियंता लोनिवि बड़कोट।
किम्मी-कंडाऊं मोटर मार्ग में आ रहे पेड़ों के कटान का 13 लाख रुपये का प्राकलन तैयार कर लोनिवि को सौंपा जा चुका है। अभी तक बजट उपलब्ध नहीं कराया गया है। बजट मिलते ही पेड़ों का कटान किया जाएगा।
मुकेश कुमार, डीएलएम वन निगम पुरोला।