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गोमुख तक पहुंचने में प्रशासन को करनी पड़ रही मशक्कत
Updated Thu, 14 Dec 2017 10:34 PM IST
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उत्तरकाशी। गंगोत्री ग्लेशियर के मुहाने गोमुख के पास भूस्खलन से झील बनने के कारण खतरे की पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। एसडीआरएफ की पांच सदस्यीय माउंटेन टीम जीपीएस एवं सेटेलाइट फोन के साथ गोमुख के लिए रवाना हो गई है। टीम शुक्रवार को गोमुख जाकर हालात का जायजा लेगी।
एसडीआरएफ की पांच सदस्यीय माउंटेन टीम को रविंद्र पटवाल के नेतृत्व में जीपीएस एवं सैटेलाइट फोन के साथ बृहस्पतिवार को गोमुख रवाना किया गया। टीम में सुशील कुमार, लक्ष्मण रावत, वीरेंद्र काला एवं योगेश रावत शामिल हैं। आपात स्थितियों से निपटने के लिए लोनिवि को भोजवासा में हेलीकॉप्टर उतारने की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इसी साल जुलाई में गंगोत्री ग्लेशियर के मुहाने पर बनी झील टूटने पर पानी के साथ आए भारी मलबे से गोमुख में गंगा भागीरथी का प्रवाह अवरुद्ध हो गया था। हालांकि, कुछ समय में स्वत: ही पानी की दिशा बदलने से नदी का बहाव सामान्य हो गया था। गोमुख में गंगा के उद्गम के पास करीब तीस मीटर ऊंचाई तक भारी मलबा जमा होने और ग्लेशियर से गंगा की धारा नीचे रह जाने से यहां पानी का ठहराव बना हुआ है। सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों में यह झील नजर आने और एक जनहित याचिका पर हाईकोर्ट के आदेश के बाद से शासन-प्रशासन इसकी पड़ताल कराने में जुटा है।
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कोट..........
शासन से मिले निर्देश के बाद से अलर्ट जारी है। टीमें गोमुख की ओर भेजी गई हैं। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भूस्खलन की चेतावनी को देखते हुए टीमों को एहतियात बरतने को कहा गया है। आपात स्थितियों को देखते हुए भोजवासा में हेलीकॉप्टर उतरने लायक व्यवस्था भी कराई जा रही है।-डा. आशीष चौहान, डीएम उत्तरकाशी।
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एसडीआरएफ की पांच सदस्यीय माउंटेन टीम को रविंद्र पटवाल के नेतृत्व में जीपीएस एवं सैटेलाइट फोन के साथ बृहस्पतिवार को गोमुख रवाना किया गया। टीम में सुशील कुमार, लक्ष्मण रावत, वीरेंद्र काला एवं योगेश रावत शामिल हैं। आपात स्थितियों से निपटने के लिए लोनिवि को भोजवासा में हेलीकॉप्टर उतारने की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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इसी साल जुलाई में गंगोत्री ग्लेशियर के मुहाने पर बनी झील टूटने पर पानी के साथ आए भारी मलबे से गोमुख में गंगा भागीरथी का प्रवाह अवरुद्ध हो गया था। हालांकि, कुछ समय में स्वत: ही पानी की दिशा बदलने से नदी का बहाव सामान्य हो गया था। गोमुख में गंगा के उद्गम के पास करीब तीस मीटर ऊंचाई तक भारी मलबा जमा होने और ग्लेशियर से गंगा की धारा नीचे रह जाने से यहां पानी का ठहराव बना हुआ है। सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों में यह झील नजर आने और एक जनहित याचिका पर हाईकोर्ट के आदेश के बाद से शासन-प्रशासन इसकी पड़ताल कराने में जुटा है।
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कोट..........
शासन से मिले निर्देश के बाद से अलर्ट जारी है। टीमें गोमुख की ओर भेजी गई हैं। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भूस्खलन की चेतावनी को देखते हुए टीमों को एहतियात बरतने को कहा गया है। आपात स्थितियों को देखते हुए भोजवासा में हेलीकॉप्टर उतरने लायक व्यवस्था भी कराई जा रही है।-डा. आशीष चौहान, डीएम उत्तरकाशी।