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मोरी में देवांशी खेल एवं सांस्कृतिक मेले का हुआ समापन

Sun, 19 Nov 2017 10:18 PM IST
Updated Sun, 19 Nov 2017 10:18 PM IST
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मोरी में देवांशी खेल एवं सांस्कृतिक मेले का हुआ समापन
मोरी (उत्तरकाशी)। मोरी में अमर उजाला के सहयोग से आयोजित देवांशी खेल एवं सांस्कृतिक मेला रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं पुरस्कार वितरण के साथ संपन्न हो गया है। समापन समारोह में नेपाली, जौनसारी, गढ़वाली लोक नृत्य प्रस्तुत किए गए। समापन समारोह में आईटीबीपी के हिमवीरो को भी सम्मानित किया गया। मेला आयोजकों की ओर से भविष्य में मेले को वृहद स्वरूप देने के साथ ही अन्य ओबीसी क्षेत्रों को भी इसमें शामिल करने का निर्णय लिया गया।
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जौनसार बावर एवं रवॉई जौनपुर की पौराणिक धार्मिक और लोक संस्कृति के संरक्षण और खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए मोरी में आयोजित तीन दिवसीय देवांशी मेले के तीसरे और अंतिम दिन रविवार को पुरस्कार वितरित किए गए। मेले में सुदूरवर्ती क्षेत्रों का विकास सुनिश्चित करने के लिए सरकार से ठोस पहल करने की मांग की गई।
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मेला निदेशक नारायण सिंह राणा ने कहा कि सरकार को एसटी, ओबीसी क्षेत्रों के विकास के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। मेले मेें वक्ताओं ने अपनी पहचान बनाए रखने को पौराणिक संस्कृति के संरक्षण बनाए रखने पर जोर दिया। मेले में सुदूरवर्ती क्षेत्रों की कई खेल प्रतिभाओं को पहली बार प्लेटफॉर्म मिला।
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इस अवसर पर मेला अध्यक्ष कृपाल सिंह राणा, सरदार सिंह, रणदेव कुवंर,गजेंद्र सिंह, देवेन्द्र राणा, विजेंद्रसिह रावत, बलदेव भंडारी, चंदी पोखरियाल, रमेश चौहान, क्रीड़ा भारती पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष विकास अग्रवाल आदि मौजूद थे। मेला निदेशक पूर्व मंत्री नारायण सिंह राणा ने मेले की सफलता के लिए सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया ।

खिलाड़ियों प्रतिभागी किए गए सम्मानित
मोरी। तीन दिवसीय देवांशी खेल एवं सांस्कृतिक मेले के समापन पर सभी खिलाड़ियों और टीमों को मेले के संरक्षक नारायण सिंह राणा ने मेडल और नगद राशि देकर पुरस्कृत किया।

कालसी ब्लॉक बना ओवरऑल चैंपियन
मोरी(उत्तरकाशी) अमर उजाला के सहयोग से मोरी में आयोजित तीन दिवसीय देवांशी खेल एवं सांस्कृतिक मेले में ओवरऑल चैंपियन कालसी विकासखंड रहा। समापन पर सतलुज जल विद्युत निगम के परियोजना प्रमुख राजेश कुमार जागौता ने मेला समिति को पांच लाख रुपये देने की घोषणा की है।
मोरी स्थित राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में रविवार को अंतिम दिन विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के खिताबी मुुकाबले खेले गए। सीनियर कबड्डी बालकों के खिताबी मुकाबले में कालसी ने जौनपुर को 24-21 से हराया। जूनियर बालक के फाइनल में चकराता ने कालसी को 41-16 से हराया। बालिका ओपन ग्रुप के फाइनल में जौनपुर ने कालसी को 21-19 से हराया। वॉलीबाल प्रतियोगिता में कालसी ने पुरोला को 2-0 से हराया। वहीं, आईटीबीपी ने उत्तराखंड पुलिस को शो मैच के दौरान 24-19 से हराया। मैच संपन्न कराने में रणवीर तोमर, कुंवर राय, रणवीर चौहान, नरेंद्र चौहान, शशिपाल चौहान, जवाहर शर्मा, दिनेश, अर्जुन, दिनेश नेगी, परवीन चौहान का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सभी को मेले के संरक्षक नारायण सिंह राणा की ओर से सम्मानित किया गया।

वेटलिफ्टिंग के लिए पहाड़ के बच्चे बेहतर
अर्जुन अवार्ड विजेता आदक बोले, खेल में संवार सकते हैं भविष्य
अभ्युदय कोटनाला
मोरी (उत्तरकाशी)। अर्जुन अवार्ड विजेता छाया आदक का मानना है कि पर्वतीय क्षेत्रों के लोग वेटलिफ्टिंग जैसे खेल के लिए बेहतर होते हैं। उन्होंने कहा कि मणिपुर, मिजोरम जैसी जगहों के बच्चे आज वेटलिफ्टिंग, बॉक्सिंग जैसे खेलों में देश के अन्य मैदानी क्षेत्रों के खिलाड़ियों से काफी आगे हैं।
मोरी में आयोजित देवांशी मेले में शिरकत करने पहुंची अर्जुन अवार्ड विजेता छाया आदक ने कहा कि मैदानी क्षेत्रों में प्रदूषण की वजह से खिलाड़ियों के लिए ट्रेनिंग करना मुश्किल हो गया है। इसलिए आर्मी की तरह स्पोर्ट्स के ट्रेनिंग सेंटर भी पहाड़ों में बनने चाहिए। ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में ट्रेनिंग सेंटर विकसित होंगे तो इससे दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी हुई प्रतिभाएं सामने आएगी। एथलेटिक्स में उत्तराखंड के कुछ खिलाड़ियों ने विदेश में अच्छा नाम कमाया है।

चोटिल होने के बाद की शूटिंग
छाया आदक 1986 से 1994 तक वेटलिफ्टिंग की नेशनल चैंपियन रहीं, लेकिन एक प्रतियोगिता में चोटिल होने के बाद उन्होंने शूटिंग शुरू की। इसमें 1995 से 2011 तक वह नेशनल चैंपियन रहीं। उनके इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए भारत सरकार ने उन्हें 1991 में अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया।

बसंती, महेंद्र के गीतों पर झूमे दर्शक
मोरी (उत्तरकाशी)। अमर उजाला के सहयोग से मोरी में आयोजित तीन दिवसीय देवांशी खेल एवं सांस्कृतिक मेले में लोक गीत व लोक नृत्य की धूम रही। शनिवार देर रात तक मंच पर कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। जागर सम्राट पद्मश्री बसंती बिष्ट, लोक गायक महेंद्र सिंह चौहान और राम सिंह राणा ने एक के बाद एक धमाकेदार प्रस्तुति दी।
जीआईसी में आयोजित तीन दिवसीय देवांशी खेल एवं सांस्कृतिक मेले में शनिवार देर रात मंच जौनसार बावर, रर्वाइं, जौनपुर एवं गढ़वाली गीतों से रंगा रहा। पद्मश्री बसंती बिष्ट ने नंदा के कैलाश जागर और शिव की स्तुति प्रस्तुत की। कुसुम नेगी, गायक महेंद्र सिंह चौहान, राम सिंह राणा ने लोग गीत प्रस्तुत किए। मेले में देवांशी पब्लिक स्कूल नैनबाग, एस एफ पब्लिक स्कूल जौनपुर, नव चेतना मोरी आदि विद्यालयो के छात्र-छात्राओं ने प्रस्तुति दी। देवांशी पब्लिक स्कूल नैनबाग के बच्चों द्वारा दी गई प्रस्तुति बेडू पाको बारमास पर दर्शक खूब झूमे।
इस अवसर मुख्यमंत्री के ओएसडी धीरेंद्र पंवार, जिलाध्यक्ष श्याम डोभाल, पूर्व जिलाध्यक्ष रमेश चौहान, नारायण सिंह चौहान, सतेंद्र राणा आदि मौजूद थे। संचालन वरिष्ठ पत्रकार बबीता पुंडीर व भाजपा नेता वचन पंवार ने किया।


कल्पना और नागेंद्र ने मारी बाजी
मोरी। देवांशी मेले में बालिकाओं की 3000 मीटर रेस में चकराता की कल्पना चौहान ने प्रथम, चकराता की संगीता ने दूसरा और जौनपुर की राधिका ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। बालकों की 5000 मीटर रेस में जौनपुर के नागेंद्र ने पहला, कालसी के अरुण कुमार ने दूसरा, जौनपुर के संजय ने तीसरा स्थान हासिल किया।
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