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वन सरपंचों ने दी आंदोलन की चेतावनी
Updated Sat, 11 Nov 2017 10:22 PM IST
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उत्तरकाशी। वन पंचायत सरपंच संगठन की ओर से वन विभाग व प्रशासन के खिलाफ दिसंबर से आंदोलन करने कि चेतावनी दी गई है। जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में संगठन ने कहा कि करीब डेढ़ वर्ष बाद भी प्रशासन व वन विभाग द्वारा वन पंचायत अधिनियम 2005 की नियमावली का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे वन पंचायतों व सरपंचों का अस्तित्व ही नहीं रह गया है।
संगठन के अध्यक्ष प्रताप सिंह चौहान ने पांच सूत्री मांगों को जल्द पूरा करने कि अपील की। उन्होंने नियमावली के तहत वन पंचायतों को अधिकार प्रदान करने, मामले की जांच कराने, प्रधानों की तर्ज पर सरपंचों को भी मानदेय भत्ता देने, फ्री ग्रांट आवंटन में सरपंचों को अधिकार दिए जाने व दो सप्ताह के अंदर सचिव स्तर की बैठक कराने कि मांग उठाई। इस मौके पर प्रभा, प्रेम सिंह पंवार, धर्म सिंह चौहान, कमलेश चंद शाह, शैलेंद्र प्रसाद सेमवाल, हरीश गुसांई, मनोरमा भट्ट आदि मौजूद थे।
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संगठन के अध्यक्ष प्रताप सिंह चौहान ने पांच सूत्री मांगों को जल्द पूरा करने कि अपील की। उन्होंने नियमावली के तहत वन पंचायतों को अधिकार प्रदान करने, मामले की जांच कराने, प्रधानों की तर्ज पर सरपंचों को भी मानदेय भत्ता देने, फ्री ग्रांट आवंटन में सरपंचों को अधिकार दिए जाने व दो सप्ताह के अंदर सचिव स्तर की बैठक कराने कि मांग उठाई। इस मौके पर प्रभा, प्रेम सिंह पंवार, धर्म सिंह चौहान, कमलेश चंद शाह, शैलेंद्र प्रसाद सेमवाल, हरीश गुसांई, मनोरमा भट्ट आदि मौजूद थे।
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