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चार दिनों तक चले पांडव नृत्य का हुआ समापन
Updated Wed, 18 Oct 2017 10:02 PM IST
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उत्तरकाशी। जिला मुख्यालय के नजदीकी गांव बग्यालगांव में पांडव नृत्य का आयोजन किया गया। चार दिन तक चले आयोजन में गैंडी का तमाशा, घोड़ी नृत्य एवं स्वांग आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहे। समापन समारोह में भव्य भंडारे का आयोजन किया गया।
बग्याल गांव में आयोजित चार दिवसीय पांडव नृत्य में पहले दिन पांडव पश्वों ने विशेष पूजा-अर्चना कर अपने अस्त्र-शस्त्र पूजे। दूसरे दिन गांव के पंचायती चौक पर पांडव नृत्य का आयोजन किया गया। तीसरे दिन पांडव पश्वा और ग्रामीणों ने क्षेत्र के आराध्य कंडार देवता की डोली के साथ लक्षेश्वर में गंगा भागीरथी में स्नान किया। बुधवार को समापन पर ग्रामीणों ने आराध्य देव कंडार देवता व पांच पांडव पश्वों से गांव व क्षेत्र की खुशहाली की मन्नतें मांगी। इस मौके पर पदम सिंह, ज्ञानीराम भट्ट, बृजा देवी, संतोषी देवी, सरिता देवी, पवित्रा देवी, विनोद नेगी, मदन मोहन, राकेेश डंगवाल, पवन भट्ट आदि मौजूद थे।
बग्याल गांव में आयोजित चार दिवसीय पांडव नृत्य में पहले दिन पांडव पश्वों ने विशेष पूजा-अर्चना कर अपने अस्त्र-शस्त्र पूजे। दूसरे दिन गांव के पंचायती चौक पर पांडव नृत्य का आयोजन किया गया। तीसरे दिन पांडव पश्वा और ग्रामीणों ने क्षेत्र के आराध्य कंडार देवता की डोली के साथ लक्षेश्वर में गंगा भागीरथी में स्नान किया। बुधवार को समापन पर ग्रामीणों ने आराध्य देव कंडार देवता व पांच पांडव पश्वों से गांव व क्षेत्र की खुशहाली की मन्नतें मांगी। इस मौके पर पदम सिंह, ज्ञानीराम भट्ट, बृजा देवी, संतोषी देवी, सरिता देवी, पवित्रा देवी, विनोद नेगी, मदन मोहन, राकेेश डंगवाल, पवन भट्ट आदि मौजूद थे।
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