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ओजरी के दैत्य ने ग्रामीणों को दी रोजगार की सौगात
Updated Wed, 20 Sep 2017 10:36 PM IST
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बड़कोट। यमुनोत्री हाईवे स्थित ओजरी-डबरकोट के स्लाइड जोन से बीते 10 दिन से बंद पड़ा है। इससे जहां कुछ गांवों को दिक्कत हुई, वहीं कई गांवों में लोगों की चहल कदमी बढ़ी है। प्रशासन की ओर से बनाए गए पैदल मार्ग के कारण ओजरी, तिर्खली, कुनसाला आदि गांवों में यात्रियों की चहल कदमी शुरू हो गई है। साथ ही ग्रामीणों के आय के नए साधन भी जुटे हैं।
यमुनोत्री हाईवे बंद होने के बाद प्रशासन की ओर से यात्रियों की आवाजाही के लिए ओजरी से तिर्खली कुनसाला होते हुए सियाना बैंड तक के लिए पैदल मार्ग खोला गया था। करीब तीन किमी लंबे इस मार्ग में कुपड़ा, बजरी आदि छोटे गांव भी पड़ते हैं। पूर्व में यात्री सीधे जानकीचट्टी चले जाते थे, लेकिन मार्ग बंद होने से अब यहां चहल-पहल बढ़ गई है। जहां पर ग्रामीणों ने ढाबे, चाय, परचून आदि दुकानें खोल दी हैं, जबकि कई लोग घोड़े खच्चर व पालकी से यात्रियों को मार्ग पार करवा कर भी अच्छी कमाई कर रहे हैं। क्षेत्र के भगवान सिंह, गजेंद्र सिंह आदि का कहना है कि भूस्खलन से दिक्कतों के साथ कई फायदे भी हुए हैं। हमारी दुकानों में ग्राहकों की खूब भीड़ जुट रही है, जिससे अच्छी खासी कमाई हो रही है। एलम सिंह का कहना है कि कई सालों से ग्रामीण मार्ग को बनाने की मांग कर रहे थे, लेकिन प्रशासन कोई कदम नहीं उठा रहा था। हालांकि अब यहां पर मोटर मार्ग बनने की उम्मीद दिख रही है। उन्होंने कहा कि अगर यह मार्ग बनता है, तो स्लाइड जोन का खतरा हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा और ग्रामीणों का जीवन भी संवर जाएगा।
यमुनोत्री हाईवे बंद होने के बाद प्रशासन की ओर से यात्रियों की आवाजाही के लिए ओजरी से तिर्खली कुनसाला होते हुए सियाना बैंड तक के लिए पैदल मार्ग खोला गया था। करीब तीन किमी लंबे इस मार्ग में कुपड़ा, बजरी आदि छोटे गांव भी पड़ते हैं। पूर्व में यात्री सीधे जानकीचट्टी चले जाते थे, लेकिन मार्ग बंद होने से अब यहां चहल-पहल बढ़ गई है। जहां पर ग्रामीणों ने ढाबे, चाय, परचून आदि दुकानें खोल दी हैं, जबकि कई लोग घोड़े खच्चर व पालकी से यात्रियों को मार्ग पार करवा कर भी अच्छी कमाई कर रहे हैं। क्षेत्र के भगवान सिंह, गजेंद्र सिंह आदि का कहना है कि भूस्खलन से दिक्कतों के साथ कई फायदे भी हुए हैं। हमारी दुकानों में ग्राहकों की खूब भीड़ जुट रही है, जिससे अच्छी खासी कमाई हो रही है। एलम सिंह का कहना है कि कई सालों से ग्रामीण मार्ग को बनाने की मांग कर रहे थे, लेकिन प्रशासन कोई कदम नहीं उठा रहा था। हालांकि अब यहां पर मोटर मार्ग बनने की उम्मीद दिख रही है। उन्होंने कहा कि अगर यह मार्ग बनता है, तो स्लाइड जोन का खतरा हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा और ग्रामीणों का जीवन भी संवर जाएगा।
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