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सफलता की पहली सीढ़ी है रामलीला का मंचन
Updated Sat, 16 Sep 2017 10:15 PM IST
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उत्तरकाशी। नगर के रामलीला मैदान में 65 साल से हो रहा श्रीरामलीला का मंचन न केवल एकत्व का प्रतीक है, बल्कि यह मंच कई कलाकारों एवं रामलीला समिति के पदाधिकारियों के लिए सफलता की पहली सीढ़ी भी साबित हुआ। मंचन के सफल संचालन और अभिनय करने वाले कई कलाकारों ने राजनीतिक, सामाजिक सहित कई अन्य क्षेत्रों में ख्याति प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया।
65 साल से प्रतिवर्ष 14 दिन तक चलने वाला यह मंचन एकता एवं आपसी भाईचारे को बढ़ावा दे रही है। मंचन में जिलेभर के साथ ही बाहरी जिलों के कलाकार भी मंचन करते हैं। स्व. कामरेड कमलाराम नौटियाल भी 60 के दशक में रामलीला समिति के अध्यक्ष रहे, जबकि रंगकर्मी स्व. पातीराम नौटियाल ने भी कई सालों तक राम, स्व. भागवत सेमवाल ने रामलीला समिति सचिव रहते हुए अभिनय किया। राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित संस्कृत महाविद्यालय के उमेश प्रसाद बहुगुणा भी वर्षों से राम कार्य में जुड़े हुए हैं। समिति के उद्घोशक जयेंद्र पंवार ने बताया कि रामलीला मंचन के माध्यम से कलाकार सरकारी, राजनीति व सामाजिक कार्यों में जिले का नाम रोशन किया है।
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65 साल से प्रतिवर्ष 14 दिन तक चलने वाला यह मंचन एकता एवं आपसी भाईचारे को बढ़ावा दे रही है। मंचन में जिलेभर के साथ ही बाहरी जिलों के कलाकार भी मंचन करते हैं। स्व. कामरेड कमलाराम नौटियाल भी 60 के दशक में रामलीला समिति के अध्यक्ष रहे, जबकि रंगकर्मी स्व. पातीराम नौटियाल ने भी कई सालों तक राम, स्व. भागवत सेमवाल ने रामलीला समिति सचिव रहते हुए अभिनय किया। राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित संस्कृत महाविद्यालय के उमेश प्रसाद बहुगुणा भी वर्षों से राम कार्य में जुड़े हुए हैं। समिति के उद्घोशक जयेंद्र पंवार ने बताया कि रामलीला मंचन के माध्यम से कलाकार सरकारी, राजनीति व सामाजिक कार्यों में जिले का नाम रोशन किया है।
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