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एसडीआरएफ के जवानों ने हेलीकॉप्टर की मदद से किया ट्रैकर के शव को रेस्क्यू
Updated Fri, 15 Sep 2017 10:43 PM IST
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उत्तरकाशी। एसडीआरएफ के जवानों ने पुणे के दिवंगत ट्रैकर के शव को शुक्रवार को देहरादून के सहस्त्रधारा हेेलीपैड पर पहुंचाकर उसके साथियों के सुपुर्द कर दिया है। पुणे के युवा ट्रैकर की 12 सितंबर को हर्षिल-हरकीदून ट्रैक पर दुमदार-काठी के बीच हृदय गति रुकने से मौत हो गई थी।
बता दें कि चार सितंबर को पुणे के छह ट्रैकरों का दल उत्तरकाशी पहुंचा था। गंगोत्री धाम के दर्शन करने के बाद दल पांच सितंबर को चार पोर्टर और एक गाइड को साथ लेकर हर्षिल से दुमदार-काठी-क्यार कोटी ट्रैक पर सांकरी हरकीदून के लिए निकल पड़ा। इस बीच 12 सितंबर को दल के एक सदस्य सैमुवल क्लिफर्ड (39 वर्ष) निवासी हाउसिंग सोसाइटी निकट कालाबाड़ी मंदिर, पुणे (महाराष्ट्र) की दुमदार और काठी के बीच हृदय गति रुकने से मौत हो गई। दल का लक्ष्य श्यान गाड, गिराई गडु, क्यार कोटि, वंसाण दुमदार कोटि होते हुए हरकीदून निकलने का था लेकिन साथी की रास्ते में मौत होने से उन्हें लौटना पड़ा।
दल के दो सदस्यों ने बुधवार देर शाम हर्षिल पहुंचकर सेना के जवानों से मदद मांगने के साथ ही सूचना जिला प्रशासन को भी दी। इसके बाद बृहस्पतिवार को एसडीआरएफ के इंस्पेक्टर विकास पुंडीर मय टीम हर्षिल से 30 किमी दूर ट्रैकर के बेस कैंप रकिया के लिए निकल पड़े। उन्हें ट्रैकर दल रास्ते में मिला, दल ने उन्हें बताया कि ट्रैकर सेमुवल क्लिफर्ड का शव बेस कैंप और दुमदार-कांठी के बीच में छोड़ा गया है। इसके बाद टीम ट्रैकरों के साथ हर्षिल लौट आई। शुक्रवार को सुबह हेलीकाप्टर की मदद से एसडीआरएफ के चार जवान हर्षिल को रवाना हुए जहां से गाइड को साथ लेकर वे घटनास्थल पर पहुंचे। शव को सहस्त्रधारा हेलीपैड देहरादून पहुंचाया गया।
बता दें कि चार सितंबर को पुणे के छह ट्रैकरों का दल उत्तरकाशी पहुंचा था। गंगोत्री धाम के दर्शन करने के बाद दल पांच सितंबर को चार पोर्टर और एक गाइड को साथ लेकर हर्षिल से दुमदार-काठी-क्यार कोटी ट्रैक पर सांकरी हरकीदून के लिए निकल पड़ा। इस बीच 12 सितंबर को दल के एक सदस्य सैमुवल क्लिफर्ड (39 वर्ष) निवासी हाउसिंग सोसाइटी निकट कालाबाड़ी मंदिर, पुणे (महाराष्ट्र) की दुमदार और काठी के बीच हृदय गति रुकने से मौत हो गई। दल का लक्ष्य श्यान गाड, गिराई गडु, क्यार कोटि, वंसाण दुमदार कोटि होते हुए हरकीदून निकलने का था लेकिन साथी की रास्ते में मौत होने से उन्हें लौटना पड़ा।
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दल के दो सदस्यों ने बुधवार देर शाम हर्षिल पहुंचकर सेना के जवानों से मदद मांगने के साथ ही सूचना जिला प्रशासन को भी दी। इसके बाद बृहस्पतिवार को एसडीआरएफ के इंस्पेक्टर विकास पुंडीर मय टीम हर्षिल से 30 किमी दूर ट्रैकर के बेस कैंप रकिया के लिए निकल पड़े। उन्हें ट्रैकर दल रास्ते में मिला, दल ने उन्हें बताया कि ट्रैकर सेमुवल क्लिफर्ड का शव बेस कैंप और दुमदार-कांठी के बीच में छोड़ा गया है। इसके बाद टीम ट्रैकरों के साथ हर्षिल लौट आई। शुक्रवार को सुबह हेलीकाप्टर की मदद से एसडीआरएफ के चार जवान हर्षिल को रवाना हुए जहां से गाइड को साथ लेकर वे घटनास्थल पर पहुंचे। शव को सहस्त्रधारा हेलीपैड देहरादून पहुंचाया गया।
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