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पांच महीने बाद परिजनों को मिला किशोर
Updated Fri, 21 Jul 2017 10:46 PM IST
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उत्तरकाशी। नौकरी की तलाश में बड़कोट का एक किशोर पश्चिम बंगाल में भटक गया, जिसे चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने पांच महीने बाद सुरक्षित उसके परिजनों तक पहुंचा दिया है।
नौगांव ब्लॉक के बड़कोट से फरवरी में 15 वर्षीय किशोर घर से काम की तलाश में चला गया था। इस बीच, वह पश्चिम बंगाल पहुंच गया और वहीं भटक गया। पश्चिम बंगाल स्थित रेलवे स्टेशन में चाइल्ड हेल्पलाइन टीम की नजर उस पर पड़ी तो टीम ने उसे अपने संरक्षण में लेकर बाल कल्याण समिति को सौंप दिया जहां से उसे आश्रय गृह भेज दिया गया। इस दौरान वहां की चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने उत्तरकाशी चाइल्ड हेल्पलाइन टीम से संपर्क किया। इसके बाद उत्तरकाशी चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने बच्चे के परिवारवालों को ढूंढा तो पता चला कि बड़कोट से किशोर फरवरी से गायब है। इस पर उत्तरकाशी चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने पश्चिम बंगाल संपर्क साधा और किशोर को उत्तरकाशी लाया गया जहां बृहस्पतिवार की शाम उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। चाइल्ड हेल्पलाइन उत्तरकाशी 1098 के को-ऑर्डिनेटर दीपक उप्पल ने बताया कि किशोर पढ़ने-लिखने में कमजोर था। वह नौकरी की तलाश में घर से निकला था, लेकिन पश्चिम बंगाल पहुंचकर भटक गया। गनीमत रही कि वह गलत लोगों के संपर्क में नहीं आया।
नौगांव ब्लॉक के बड़कोट से फरवरी में 15 वर्षीय किशोर घर से काम की तलाश में चला गया था। इस बीच, वह पश्चिम बंगाल पहुंच गया और वहीं भटक गया। पश्चिम बंगाल स्थित रेलवे स्टेशन में चाइल्ड हेल्पलाइन टीम की नजर उस पर पड़ी तो टीम ने उसे अपने संरक्षण में लेकर बाल कल्याण समिति को सौंप दिया जहां से उसे आश्रय गृह भेज दिया गया। इस दौरान वहां की चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने उत्तरकाशी चाइल्ड हेल्पलाइन टीम से संपर्क किया। इसके बाद उत्तरकाशी चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने बच्चे के परिवारवालों को ढूंढा तो पता चला कि बड़कोट से किशोर फरवरी से गायब है। इस पर उत्तरकाशी चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने पश्चिम बंगाल संपर्क साधा और किशोर को उत्तरकाशी लाया गया जहां बृहस्पतिवार की शाम उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। चाइल्ड हेल्पलाइन उत्तरकाशी 1098 के को-ऑर्डिनेटर दीपक उप्पल ने बताया कि किशोर पढ़ने-लिखने में कमजोर था। वह नौकरी की तलाश में घर से निकला था, लेकिन पश्चिम बंगाल पहुंचकर भटक गया। गनीमत रही कि वह गलत लोगों के संपर्क में नहीं आया।
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