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उत्तराखंड: आपदा की इस घड़ी में कायम की मिसाल
नई दिल्ली/धीरज कनोजिया
Updated Sun, 23 Jun 2013 12:48 AM IST
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अगर इनमारसेट इंडिया की तरह बाकी कंपनियां भी अपने सामाजिक दायित्व को समझ लें तो शायद उत्तराखंड की अपार तबाही से पार पाने की राह कुछ तो आसान हो जाएगी।
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दरअसल, कंपनी ने उत्तराखंड में फंसे यात्रियों को अपने परिजनों से बात करने के लिए मुफ्त में सेटेलाइट फोन सेट ही नहीं बल्कि नि: शुल्क सेटेलाइट फोन सेवा देने का भी फैसला किया है।
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कंपनी की ओर से लगभग 80 सेटेलाइट फोन सेट उत्तराखंड पहुंच चुके हैं। गृह मंत्रालय ने आपदा को देखते हुए सेटेलाइट फोन सेवा के लिए विशेष अनुमति दी है।
कंपनी की ओर से भेजे गए 80 में से 30 बड़े और 50 छोटे फोन सेट हैं। एक बड़े सेटेलाइट फोन सेट की कीमत पांच हजार डॉलर यानी करीब तीन लाख रुपये है, जबकि छोटे सेटेलाइट फोन की कीमत 500 डॉलर यानी तीस हजार रुपये है।
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यह फोन सेवा 15 से 30 दिन मुफ्त में दी जाएगी। गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद यह उपकरण आईटीबीपी, बीआरओ, आईएएफ और एनडीआरएफ की टीम को बांटे जाएंगे।
दिलचस्प बात यह है कि कंपनी के एक उच्चाधिकारी को मुफ्त में सेटेलाइट फोन देने का विचार एक टीवी चैनल में देखकर आया।
टीवी चैनल में एक परेशान बुजुर्ग व्यक्ति कह रहा था कि न खाने को है और न पानी पीने को। कम से कम पांच सेकेंड अपने परिवार से ही सरकार हमें बात करवा दें।
बुजुर्ग की बात सुनकर उच्चाधिकारी ने उत्तराखंड सरकार से संपर्क किया। उत्तराखंड सरकार के अधिकारियों ने उनका संपर्क गृह मंत्रालय से करवा दिया, क्योंकि मंत्रालय को ही इसकी अनुमति देनी थी।
कंपनी के उच्चाधिकारी ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि आपदा और आपातकालीन स्थितियों में सेटेलाइट फोन बेहद कारगर साबित होते हैं।
वहां फंसे लोगों को अपने परिजनों से बात करने के लिए ये मददगार साबित होंगे।