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केदारघाटी में खिलौने बने मोबाइल...
प्रवेश कुमारी
Updated Tue, 16 Jul 2013 09:18 PM IST
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आपदा की वजह से मोबाइल फोन पर एक-दूसरे का हाल-चाल जानने को बेकरार लोगों को अभी कुछ इंतजार करना पड़ेगा। इस राह में अभी कुछ मुश्किलें हैं।
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कहीं संपर्क मार्ग कट जाने से दूरसंचार कंपनियों के कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंच पा रहे तो कहीं टावर ऐसी जगह है, जहां अभी ठीक करने की स्थिति नहीं। जहां टावर बह गए हैं, वहां दोबारा इंस्टाल करने का भी काम अभी अधर में है।
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काम में रोड कनेक्टिविटी न होने के साथ ही मौसम भी एक बड़ी समस्या बनकर खड़ा हुआ है। केदारनाथ, नारायणबगड़, तपोवन में अभी काम शुरू नहीं हो पाया है।
इतने बीटीएस हुए थे खराब
इन स्थानों पर बीएसएनएल, एयरटेल, आइडिया जैसी सभी प्रमुख कंपनियों के मोबाइल टावर लगे थे। आपदा में बीएसएनएल के 270 बेस ट्रांस रिसीवर स्टेशन यानी बीटीएस खराब हुए थे। टूजी के 189, डब्लूएलएल के 150, विनमैक्स के 22, जबकि थ्रीजी के नौ नेटवर्कशामिल थे।
आपदा के बाद यह किए गए ठीक
बीएसएनएल के 267 बीटीएस को ठीक किया जा चुका है। केदारनाथ, तपोवन और नारायणबगड़ में अभी काम शुरू नहीं हो सका है। रोड कनेक्टिविटी न हो पाने से काम में दिक्कत बनी हुई है। एयरटेल का केदारनाथ का टावर बह गया था। यह अभी इंस्टाल नहीं किया जा सका है। अन्य को ठीक कर लिया गया है।
आपदाग्रस्त क्षेत्रों में बीटीएस बैठ गए थे। फाइबर बह गया था। सड़क न होने से कहीं-कहीं कुछ दिक्कत है। इन्हें भी जल्द ठीक कर दिया जाएगा।
-ब्रह्मानंद तिवारी, डीजीएम, बीएसएनएल
लगभग सभी जगह काम पूरा कर लिया है। केदारनाथ वाले टावर पर अभी काम हो रहा है। जल्द ही इसे रि-इंस्टाल किया जाएगा।
-यू. श्रीनिवासन, एयरटेल
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