उत्तराखंड: दिग्गज संतों से मिलकर चुनावी मूड भांपेंगे गृह मंत्री शाह, पीएम मोदी और रक्षामंत्री राजनाथ भी संभालेंगे मोर्चा
अमर उजाला को मिली जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री अमित शाह 16, 17 और 18 अक्तूबर को उत्तराखंड के दौरे पर रहेंगे। शाह अपने दौरे के दौरान अखिल विश्व गायत्री परिवार शान्तिकुंज जा सकते हैं, जहां वे डॉ. प्रणव पंड्या से मुलाकात कर सकते हैं...
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उत्तराखंड में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए सभी राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। जहां सत्ताधारी भाजपा जन आशीर्वाद रैली के जरिए जनता को साध रही है, वहीं कांग्रेस परिवर्तन यात्रा कर अपने पक्ष में माहौल बनाने में जुट गई है। चुनाव की घोषणा से पहले ही भाजपा अपने दिग्गज नेता और स्टार प्रचारकों को मैदान में उतारने जा रही है। इस कड़ी में अक्तूबर माह से उत्तराखंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा समेत पार्टी के अन्य केंद्रीय नेता चुनाव प्रचार करेंगे। फिलहाल प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और रक्षा मंत्री के दौरे तय किए जा रहे हैं।
अमर उजाला को मिली जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री अमित शाह 16, 17 और 18 अक्तूबर को उत्तराखंड के दौरे पर रहेंगे। हमेशा की तरह शाह हरिद्वार में साधु-संतों और मठों में जाकर चुनाव पूर्व परिस्थितियों का आंकलन करेंगे। भाजपा को भरोसा है कि साधु संतों को साधकर 2022 के विधानसभा चुनावों में वह चुनावी नैया पार कर लेंगे। शाह अपने दौरे के दौरान अखिल विश्व गायत्री परिवार शान्तिकुंज जा सकते हैं, जहां वे डॉ. प्रणव पंड्या से मुलाकात कर सकते हैं। इसके अलावा शाह कनखल, हरिद्वार में स्वामी अवधेशानंद गिरि से भी मिलेंगे। संत सत्यामित्रानंद गिरी को श्रद्धांजलि देने भारत माता मंदिर भी जा सकते हैं। वहीं शाह देहरादून और जोशी मठ में आईटीबीपी के कार्यक्रम के अलावा ऋषिकेश में गंगा आरती में भी शामिल हो सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एक अक्तूबर को देहरादून से प्रदेश में चुनावी शंखनाथ करने जा रहे हैं। पीएम मोदी दीपावली के आसपास केदारनाथ धाम की यात्रा कर सकते हैं। इसके अलावा पार्टी प्रधानमंत्री का बद्रीनाथ और उत्तरकाशी में भी कार्यक्रम चाहती है। राज्य में विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राज्य में दो जनसभाएं हो सकती हैं। 2017 में पीएम ने देहरादून, रुद्रपुर के साथ साथ उत्तराखंड के कई क्षेत्रों में रैलियां की थीं।
मंत्री हरक ने की कोटद्वार में केवि और मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग
वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। उन्होंने इस दौरान एक ओर जहां आपदा राहत कार्यों के लिए केंद्र से मदद मांगी तो दूसरी ओर कोटद्वार में केंद्रीय विद्यालय और मेडिकल कॉलेज बनाने की मांग की। गुरुवार को करीब तीन घंटे तक हरक सिंह रावत की गृह मंत्री अमित शाह से बातचीत हुई। मंत्री हरक ने आपदा मद में अधिकाधिक धनराशि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों के मद्देनजर बादल फटने, भू-स्खलन की घटनाएं आए दिन हो रही हैं। इससे भारी जन-धन की हानि हो रही है। जिसकी प्रतिपूर्ति के लिए भारत सरकार से आपदा मद में अधिक धनराशि उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है। डॉ. हरक ने अमित शाह से वार्ता के दौरान कोटद्वार केंद्रीय विद्यालय की स्थापना का अनुरोध किया। उन्होंने कहा है कि कोटद्वार में केंद्रीय विद्यालय के रलिए पौड़ी के डीएम को भूमि व अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई हैं।
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने आश्वासन दिया कि वह इस संबंध में जल्द ही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से अनुरोध करेगें। मंत्री हरक ने कोटद्वार में मेडिकल कॉलेज की स्थापना का भी अनुरोध किया है, जिसके लिए भूमि पहले ही चयनित की जा चुकी है लेकिन प्रदेश में आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण मेडिकल कॉलेज की स्थापना नहीं हो पा रही है। उन्होंने इस कॉलेज के निर्माण के लिए आवश्यक धनराशि केंद्र से उपलब्ध कराने की मांग की।
गृह मंत्री से हुई सियासी चर्चा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से करीब तीन घंटे तक हरक सिंह रावत की वार्ता हुई। सूत्रों के मुताबिक, एक ओर जहां आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा हुई तो दूसरी ओर पार्टी में कांग्रेस से बगावत करके आए नेताओं के साथ हो रहे व्यवहार पर भी चर्चा हुई। आपको बता दें कि पूर्व में मंत्री हरक ने कहा था कि भाजपा में ही कुछ नेता ऐसे हैं जो कि यह नहीं चाहते कि वह भाजपा में रहें। केंद्रीय मंत्री अमित शाह से उनकी मुलाकात को इन्हीं सब प्रकरणों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि आधिकारिक तौर पर जब मंत्री हरक से इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने केवल यह बताया कि वार्ता में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा हुई है।
अगले महीने करेंगे मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना का शुभारंभ करेंगे अमित शाह
उच्च शिक्षा एवं सहकारिता मंत्री डा.धन सिंह रावत ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अगले महीने प्रदेश में मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना का शुभारंभ करेंगे। नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री से हुई मुलाकात पर उन्होंने अक्तूबर में इस पर सहमति दी है।
उन्होंने कहा कि केन्द्रीय मंत्री के साथ राज्य में सहकरिता के उन्नयन एवं आपदा प्रबंधन व पुनर्वास से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना राज्य सरकार की महत्वकांक्षी योजनाओं में से एक है। जिसका मकसद राज्य के पर्वतीय ग्रामीण इलाकों की करीब तीन लाख महिलाओं के सर से घास के बोझ को कम करना है। इस योजना के तहत पशुपालाकों को उनके गांव में ही सुरक्षित हरे चारे और संपूर्ण मिश्रित पशुआहार न्यूनतम दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा।
मुलाकात के दौरान मंत्री डा.धन सिंह रावत ने केन्द्रीय गृह मंत्री से राज्य को दो एयर एम्बुलेंस खरीदने की अनमुति प्रदान करने की मांग की। इसके अलावा उन्होंने राज्य में आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास नीति को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए पुनर्वास मानकों में शिथिलता प्रदान करने का अनुरोध किया। जिस पर केन्द्रीय गृह मंत्री ने अपनी सैद्धान्तिक सहमति प्रदान की। डॉ. रावत ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा पुनर्वास कार्य युद्ध स्तर पर निस्तारित किए जा रहे हैं, जिसका नतीजा है कि वर्ष 2017 से अब तक करीब 76 गांवों के 415 परिवारों का पुनर्वास किया जा चुका है।
इसके लिए शासन द्वारा पुनर्वास मानकों के तहत 57 करोड 78 लाख 53 हजार 916 से अधिक की धनराशि जारी की गई है। इसके अलावा डॉ. रावत ने राज्य सरकार द्वारा सहकारिता के क्षेत्र में चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं एवं आपदा प्रबंधन व पुनर्वास विभाग द्वारा आपदा को लेकर की गई तैयारियों पर केन्द्रीय गृह मंत्री के साथ चर्चा की।