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दूसरे दिन भी नहीं चली सदन की कार्यवाही

Sat, 16 Mar 2013 12:53 AM IST
देहरादून/ब्यूरो
देहरादून/ब्यूरो Updated Sat, 16 Mar 2013 12:53 AM IST
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uproar in uttarakhand assembly

सिडकुल की भूमि बिल्डरों को दिए जाने के मामले को लेकर विपक्ष ने दूसरे दिन शुक्रवार को भी उत्तराखंड विधानसभा में कार्यवाही नहीं चलने दी। हंगामे के चलते बार-बार कार्यवाही स्थगित किए जाने के बाद भी स्थिति नहीं बदली।

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इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही मंगलवार 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले भाजपा के सदस्य सदन के भीतर वेल में धरने पर बैठ गए। विरोध जताने के लिए पीठ की तरफ बढ़े भाजपा के संजय गुप्ता को मार्शलों ने रोका। कागज की प्रति फाड़कर पीठ की तरफ फेंकी गई।
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भाजपा का आरोप है कि पंतनगर और हरिद्वार सिडकुल की बेशकीमती जमीन कौड़ियों के दाम बिल्डरों को बेची गई। शुक्रवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने स्पीकर के समक्ष इस पूरे प्रकरण की सीबीआई से जांच की मांग की।
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भट्ट ने कहा कि हमने सीबीआई जांच के लिए लिखित शिकायत कर दी है। अब सरकार जांच की अधिसूचना जारी करे। इससे पहले बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री ने कहा था कि जब लिखित शिकायत ही नहीं तो जांच किस बात की। नेता प्रतिपक्ष ने लिखित शिकायत की एक प्रति स्पीकर को भी सौंपी।

स्पीकर ने नेता प्रतिपक्ष का शिकायत पत्र संसदीय कार्यमंत्री इंदिरा हृद्येश को सौंप दिया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि स्पीकर चाहें तो जेपीसी से जांच करा सकते हैं। इसके बाद भी सरकार की तरफ से वक्तव्य नहीं आने पर नेता प्रतिपक्ष पूरे विपक्ष के साथ वेल में आकर धरने पर बैठ गए।

स्पीकर ने हंगामा होता देख सदन को साढ़े ग्यारह बजे तक स्थगित कर दिया। इसके बाद जैसे ही सदन शुरू हुआ तो विपक्ष फिर हंगामा करने लगा। चार बार ऐसी स्थिति बनी। स्पीकर ने अंतत: सदन की कार्यवाही मंगलवार ग्यारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

विपक्ष ने जमीन की खरीद-फरोख्त में धांधली का आरोप लगाते हुए सीबीआई और जेपीसी जांच की मांग की है। नेता प्रतिपक्ष ने सेक्शन 310 में बहस की मांग रखी थी, जिसे सेक्शन 58 में परिवर्तित कर बहस के लिए विपक्ष को कहा गया।

सदन को चलाने के लिए नेता सदन, नेता प्रतिपक्ष में वार्ता भी हुई है, लेकिन विपक्ष जिद पर अड़ा रहा। अगर मुद्दे पर बहस होती तो ही बतौर अध्यक्ष मैं सरकार को कोई दिशानिर्देश जारी कर पाता।

गोविंद सिंह कुंजवाल, विधानसभा अध्यक्ष

अब लिखित में शिकायत भी दे दी है, फिर जांच कराने में क्या देर है। सरकार की नीयत में खोट है। जमीनों की खरीद-फरोख्त अभी भी जारी है। यह प्रदेश हित का मुद्दा है। सत्तापक्ष तो सत्ता के नशे में चूर है। विपक्ष अपनी जिम्मेदारी कैसे भूल सकता है। सरकार को जांच करानी होगी, वर्ना हम सदन से सड़क तक आंदोलन करेंगे। हम सरकार की कारगुजारी जनता को बताएंगे।
अजय भट्ट, नेता प्रतिपक्ष

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