खटीमा। ग्राम प्रधान संघ के अध्यक्ष और पहेनिया के ग्राम प्रधान पर मुकदमा दर्ज करने से भड़के ग्राम प्रधानों ने एसडीएम के माध्यम से एसएसपी को ज्ञापन भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच कर एसआई के खिलाफ अनुसूचित जाति, जनजाति एक्ट में रिपोर्ट दर्ज करने की मांग उठाई।
बुधवार को ग्राम प्रधान संघ अध्यक्ष संजीव राणा के नेतृत्व में तहसील परिसर में कई गांवों के प्रधान एकत्र हुए। एसएसपी को भेजे ज्ञापन में कहा कि चार अक्तूबर की शाम करीब चार बजे पहेनिया टोल प्लाजा के पास चालान किये जा रहे थे। पहेनिया के ग्राम प्रधान संजीव सिंह राणा ने कहा कि वह धान कटाई कर पैदल घर जा रहे थे। चालान करने वाले पुलिस कर्मियों से वार्ता के लिये मैं रुक गया। मैंने उन्हें परिचय भी दिया लेकिन पुलिसकर्मी मुझ पर ही आगबबूला हो गए। मौके से आते समय मुंह में लगा मास्क हट गया था। इस पर एसआई ने 200 रुपये का चालान काट दिया तो मैंने तत्काल जमा कर दिया। मैंने किसी भी सरकारी कार्य में बाधा नहीं पहुंचाई। आरोप लगाया कि उनके खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप लगाया कि इससे पहले भी जनजाति के जनप्रतिनिधियों के साथ अभद्रता की जा चुकी है। ज्ञापन देने वालों में ग्राम प्रधान छिनकी वीरेंद्र सिंह रावत, आलाबिरदी मंजू देवी, खेतलसंडा मुस्ताजर सुनीता देवी, कुटरा प्रिया राणा, सुजिया सोबन सिंह, जंगलजोगीठेर मदन सिंह, जोगीठेर नगला जितेंद्र गौतम, मोहम्मदपुर भुड़िया नरेंद्र सिंह, उमरूखुर्द कमलेश राणा आदि थे।