UK: 21 घंटे बंधक रहने के बाद विजिलेंस टीम हुई रिहा, रिश्वतखोरी में पकड़े गए दोनों कर्मचारी भी छोड़े गए
सितारगंज तहसील में 16 हजार रुपये के कथित रिश्वत मामले को लेकर शुरू हुआ विवाद करीब 21 घंटे बाद समाप्त हो गया। प्रशासन और कर्मचारी संगठनों के बीच लंबी वार्ता के बाद प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने विजिलेंस टीम को जाने दिया।
विस्तार
तहसील सितारगंज में 14 हजार रुपये की कथित रिश्वत के मामले में संग्रह अमीन और सहायक राजस्व लेखाकार को विजिलेंस टीम की ओर से ट्रैप किए जाने के बाद से शुरू हुआ हाई-वोल्टेज विवाद आखिरकार करीब 21 घंटे बाद समाप्त हो गया।
बीते बुधवार को विजिलेंस टीम ने तहसील सितारगंज में तैनात संग्रह अमीन मदन लाल शर्मा और सहायक राजस्व लेखाकार भूपेंद्र सिंह राणा को 14 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया था। कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग के कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया। संग्रह अमीन संघ, लेखपाल संघ और कलेक्ट्रेट मिनिस्टीरियल कर्मचारी संघ ने कार्रवाई का विरोध करते हुए तहसील परिसर में धरना शुरू कर दिया और मुख्य गेटों पर ताला जड़ दिया। कर्मचारियों का आरोप था कि विजिलेंस ने सरकारी राजस्व वसूली की धनराशि को रिश्वत बताकर कार्रवाई की, जिससे राजस्व कर्मचारियों की छवि धूमिल हुई।
बैठक के दौरान राजस्व अधिकारियों ने कलेक्शन मैन्युअल की धारा-127 सहित वसूली संबंधी वैधानिक प्रावधानों और अभिलेखों को विजिलेंस के समक्ष रखा। अधिकारियों ने बताया कि दोनों कर्मचारी नियमानुसार बकायेदारों से सरकारी राजस्व की वसूली कर रहे थे, तभी विजिलेंस ने ट्रैप की कार्रवाई कर दी। दस्तावेज और नियमों का परीक्षण करने के बाद विजिलेंस टीम ने इन तथ्यों को जांच का हिस्सा बनाया और तत्काल गिरफ्तारी की कार्रवाई नहीं करते हुए दोनों कर्मचारियों को तहसील प्रशासन के सुपुर्द कर दिया।
राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच के दौरान कलेक्शन मैन्युअल समेत संबंधित नियमों और प्रावधानों से विजिलेंस टीम को अवगत कराया। इन तथ्यों और दस्तावेज को जांच का हिस्सा बनाया गया है। हालांकि, दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज है। फिलहाल दोनों को गिरफ्तार करने के बजाय तहसील प्रशासन के सुपुर्द किया गया है। विजिलेंस मामले से जुड़े सभी तथ्यों की गहन जांच कर रही है और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। - दीपशिखा अग्रवाल, एसपी विजिलेंस
संग्रह अमीन और सहायक राजस्व लेखाकार कलेक्शन मैन्युअल की धारा-127 के तहत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई कर रहे थे। प्रारंभिक स्तर पर विजिलेंस को इन वैधानिक प्रावधानों की पूरी जानकारी नहीं थी जिसके चलते दोनों कार्मिकों को ट्रैप किया गया। बाद में प्रशासन की ओर से संबंधित नियमों और कलेक्शन मैन्युअल के प्रावधानों से अवगत कराने पर विजिलेंस टीम संतुष्ट हुई और दोनों कार्मिकों को तहसील प्रशासन के सुपुर्द कर दिया गया। - तुषार सैनी, एसडीएम सितारगंज
डीएम ने की उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने की सिफारिश
विजिलेंस की टीम के तहसील सितारगंज में तैनात संग्रह अमीन और सहायक राजस्व लेखाकार को कथित रिश्वत लेते ट्रैप करने की कार्रवाई के बाद डीएम नितिन सिंह भदौरिया ने कुमाऊं आयुक्त को पत्र भेजकर मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने के लिए समिति गठित करने की सिफारिश की है।
कर्मचारी संगठन का दावा है कि यह कार्रवाई कलेक्शन मैनुअल की धारा-127 के तहत निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत की गई। डीएम ने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि शिकायतकर्ता पूर्व से राजस्व बकायेदार है और उसके खिलाफ विभिन्न थानों में कई एफआईआर दर्ज हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि विजिलेंस टीम को राजस्व वसूली की प्रक्रिया एवं कलेक्शन मैनुअल की पर्याप्त जानकारी नहीं होने के कारण प्रथम दृष्टया बिना पर्याप्त तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की गई। इससे विभाग की छवि प्रभावित हुई है।
पत्र में राजस्व वसूली से जुड़े कर्मचारियों के शोषण, मानसिक उत्पीड़न और कार्य में बाधा डालने का भी उल्लेख करते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने का अनुरोध किया गया है।कई घंटों तक ठप रहा तहसील का कामकाज, जनता रही बेहाल
तहसील में विजिलेंस की ट्रैप कार्रवाई से उपजे विवाद के कारण आम जनता भी खूब परेशान रही। कर्मचारियों के विरोध, धरने और हंगामे के कारण तहसील का कामकाज ठप हो रहा। तहसील में आय, जाति, निवास, उत्तराधिकार, बंटवारा, नामांतरण, दाखिल-खारिज, राजस्व वसूली, शपथ पत्रों का सत्यापन सहित कई जरूरी कार्य प्रभावित रहे। दूर-दराज के गांवों से अपने जरूरी काम के लिए पहुंचे लोग घंटों इंतजार करते रहे लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई और उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा। कई बुजुर्ग, महिलाएं और दिव्यांग भी पूरे दिन तहसील परिसर में भटकते रहे, लेकिन कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह बंद होने से उनके काम नहीं हो सके।
रिहाई के बाद दोनों कर्मचारियों को लगाया गले, बोले-हमारी नैतिक जीत
कथित रिश्वत प्रकरण में विजिलेंस की ओर ट्रैप किए गए संग्रह अमीन और सहायक राजस्व लेखाकार को बृहस्पतिवार को तहसील प्रशासन के सुपुर्द किए जाने के बाद तहसील परिसर का माहौल पूरी तरह बदल गया। दोनों कर्मचारियों के बाहर आते ही राजस्व कर्मचारियों और विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने गले लगाकर उनका स्वागत किया। कई कर्मचारियों ने इसे अपनी नैतिक जीत बताते हुए एक-दूसरे को बधाई दी। इस घटनाक्रम के बाद कर्मचारी संयुक्त परिषद, संग्रह अमीन संघ, लेखपाल संघ और अन्य संगठनों ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव तथा शासन के वरिष्ठ अधिकारियों से उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने और विजिलेंस की कार्रवाई की समीक्षा करने की मांग की।
छावनी में तब्दील हुई तहसील, पुलिस बल रहा तैनात
विजिलेंस की कार्रवाई के बाद तहसील परिसर में उपजे तनाव को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। सीओ विमल रावत के नेतृत्व में तहसील परिसर में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस लगातार मोर्चे पर डटी रही और पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में रखा। करीब 21 घंटे तक चले इस गतिरोध के दौरान पुलिस अधिकारियों ने लगातार कर्मचारियों, प्रशासनिक अधिकारियों और विजिलेंस टीम के बीच समन्वय बनाए रखा ताकि कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।