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साइबर ठगी कर खातेधारकों के बैंक खाते से उड़ाये लाखों रुपये
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17केटीएम03पी-खटीमा के भगचुरी स्थित बैंक ऑफ बडौदा में प्रदर्शन करते खातेदार
- फोटो : KHATIMA
खटीमा। बैंक ऑफ बड़ौदा भगचुरी में साइबरी ठगी के शिकार खातेदारों की संख्या लगातार बढ़ने लगी है। 16 सितंबर को नौ खातेदारों के खाते से पैसे निकलने का मामला प्रकाश में आया था तो 17 सितंबर को यह संख्या 35 बताई जा रही है। जितने बड़े पैमाने पर खाताधारकों को चूना लगाया गया है, उसे देखते हुए इसके पीछे किसी बड़े और शातिर गैंग के होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इस दौरान दर्जन भर खातेदारों ने बैंक परिसर पर प्रदर्शन कर खाते से रकम निकालने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और निकाली गई रकम वापस दिलाने की मांग की।
ग्राम भिल्लैया-जमौर के अधिकांश खातेदारों के खाते से रकम निकाली गई है। साइबरी ठगी के पीड़ित खातेदार यह भी बता रहे हैं कि कुछ माह पूर्व कुछ लोग एनजीओ के नाम पर जमौर-भिल्लैया के सीधे सादे लोगों को सस्ते दामों में एलईडी बल्ब बेचने का झांसा देकर आधार कार्ड नंबर और अगूंठे लगवाकर ले गए थे।
तब किसी को इसका एहसास तक नहीं हुआ है कि वह साइबर ठगी का शिकार हो जाएंगे। ठगी के शिकार होने की जानकारी सबसे पहले जमौर निवासी शाहिद और तसलीम को उसके फोन पर आए एसएमएस से हुई। उन्होंने बीओबी के शाखा प्रबंधक अतुल कुमार को इसकी सूचना दी। बैंक अधिकारियों के स्थिति समझने तक इस ठगी ने दर्जनों खातेदारों को चूना लगा दिया। खातेदार अब ठगी को अंजाम देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने एवं रकम वापस दिलाने की मांग कर रहे हैं।
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बैंक को खाताधारकों से मिली जानकारी
बैंक ऑफ बड़ौदा के शाखा प्रबंधक अतुल कुमार ने बताया कि उन्हें साइबर ठगी की जानकारी खातेदारों से मिली। पहले दिन नौ तथा 17 सितंबर को तीन और खातेदारों के खातों से पैसे निकलने की जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि रकम कम होने की वजह से इसका पता नहीं चल सका। अतुल कुमार ने बताया कि फिंगर प्रिंट व आधार नंबर से रकम निकालने में ट्राजेक्शन वीसी एपीएस माध्यम बना है। इसमें दिल्ली एवं हैदराबाद की बैंक की आईडी इस्तेमाल होना बताया गया। उन्होंने कहा कि साइबर ठगी के मामले की सूचना उच्चाधिकारियों को भेजी जा चुकी है।
ये बने ठगी का शिकार
खटीमा। जमौर-भिल्लैया के ईशा कुमार 2000, रेशमा 10,000, किरन 10,000, उमर शाह 2000, सुभाष 10,000, निर्मला 3600, महेश 17,000, आशा देवी 6000, राजेंद्र 9000, राधा देवी 30,000, तसलीम 10,000, शाहिद 10,000, अशोक कुमार के 5100 रुपये निकाले जा चुके हैं।
भिल्लैया निवासी बेसहारा विधवा राधा देवी अपने खाते से 30,000 रुपये निकल जाने को लेकर बेहद दु:खी हैं। वह दिन में बैंक परिसर में बैठीं रहीं। निर्मला स्कूल की छात्रा है। 3600 रुपये छात्रवृत्ति के जमा हुए थे। निर्मला ने बताया उसने किसी को न अंगूठा और न आधार कार्ड नंबर दिया गया। बावजूद इसके खाते से रकम निकल गई। जमौर बरी अंजनियां निवासी श्याम सुंदर ने बताया कि उनके स्टेट बैंक ऑफ पटियाला शाखा खटीमा से रुपये निकले हैं। शाखा प्रबंधक को 12 सितंबर को सौंपे पत्र में श्याम सुंदर ने कहा कि उनके खाते से 3000 व 2000 रुपये की शॉपिंग हुई, शेष 10,000 रुपये निकाले गए हैं। इसका पता तब चला जब वह अपने खाते में एक और चेक जमा करने गया।
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ग्राम भिल्लैया-जमौर के अधिकांश खातेदारों के खाते से रकम निकाली गई है। साइबरी ठगी के पीड़ित खातेदार यह भी बता रहे हैं कि कुछ माह पूर्व कुछ लोग एनजीओ के नाम पर जमौर-भिल्लैया के सीधे सादे लोगों को सस्ते दामों में एलईडी बल्ब बेचने का झांसा देकर आधार कार्ड नंबर और अगूंठे लगवाकर ले गए थे।
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तब किसी को इसका एहसास तक नहीं हुआ है कि वह साइबर ठगी का शिकार हो जाएंगे। ठगी के शिकार होने की जानकारी सबसे पहले जमौर निवासी शाहिद और तसलीम को उसके फोन पर आए एसएमएस से हुई। उन्होंने बीओबी के शाखा प्रबंधक अतुल कुमार को इसकी सूचना दी। बैंक अधिकारियों के स्थिति समझने तक इस ठगी ने दर्जनों खातेदारों को चूना लगा दिया। खातेदार अब ठगी को अंजाम देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने एवं रकम वापस दिलाने की मांग कर रहे हैं।
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बैंक को खाताधारकों से मिली जानकारी
बैंक ऑफ बड़ौदा के शाखा प्रबंधक अतुल कुमार ने बताया कि उन्हें साइबर ठगी की जानकारी खातेदारों से मिली। पहले दिन नौ तथा 17 सितंबर को तीन और खातेदारों के खातों से पैसे निकलने की जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि रकम कम होने की वजह से इसका पता नहीं चल सका। अतुल कुमार ने बताया कि फिंगर प्रिंट व आधार नंबर से रकम निकालने में ट्राजेक्शन वीसी एपीएस माध्यम बना है। इसमें दिल्ली एवं हैदराबाद की बैंक की आईडी इस्तेमाल होना बताया गया। उन्होंने कहा कि साइबर ठगी के मामले की सूचना उच्चाधिकारियों को भेजी जा चुकी है।
ये बने ठगी का शिकार
खटीमा। जमौर-भिल्लैया के ईशा कुमार 2000, रेशमा 10,000, किरन 10,000, उमर शाह 2000, सुभाष 10,000, निर्मला 3600, महेश 17,000, आशा देवी 6000, राजेंद्र 9000, राधा देवी 30,000, तसलीम 10,000, शाहिद 10,000, अशोक कुमार के 5100 रुपये निकाले जा चुके हैं।
भिल्लैया निवासी बेसहारा विधवा राधा देवी अपने खाते से 30,000 रुपये निकल जाने को लेकर बेहद दु:खी हैं। वह दिन में बैंक परिसर में बैठीं रहीं। निर्मला स्कूल की छात्रा है। 3600 रुपये छात्रवृत्ति के जमा हुए थे। निर्मला ने बताया उसने किसी को न अंगूठा और न आधार कार्ड नंबर दिया गया। बावजूद इसके खाते से रकम निकल गई। जमौर बरी अंजनियां निवासी श्याम सुंदर ने बताया कि उनके स्टेट बैंक ऑफ पटियाला शाखा खटीमा से रुपये निकले हैं। शाखा प्रबंधक को 12 सितंबर को सौंपे पत्र में श्याम सुंदर ने कहा कि उनके खाते से 3000 व 2000 रुपये की शॉपिंग हुई, शेष 10,000 रुपये निकाले गए हैं। इसका पता तब चला जब वह अपने खाते में एक और चेक जमा करने गया।