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Udham Singh Nagar News: उमेश जैव विविधता प्रबंधन समिति के अध्यक्ष बने
Wed, 17 Jul 2024 04:49 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Wed, 17 Jul 2024 04:49 AM IST
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शांतिपुरी। बिंदुखत्ता क्षेत्र में जैव विविधता प्रबंध समिति की बैठक में सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। इसमें बिंदुखत्ता के उमेश चंद्र भट्ट को निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया। निर्णय लिया गया कि बिंदुखत्ता क्षेत्र में जैव विविधता पर गोष्ठी व पर्यावरण संरक्षण पर पौधरोपण कार्यक्रम किया जाएगा।
बिंदुखत्ता क्षेत्र में वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत जैव विविधता समिति का गठन किया है, जो क्षेत्र में प्राचीन पौधों, बीजों, रोजगारपरक पौधों, पूर्वजों से चले आ रहे स्वास्थ्यवर्धक रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले पौधे को संरक्षण व संवर्धन करने में अपनी भूमिका निभाएगी। नवनिर्वाचित अध्यक्ष भट्ट ने बताया कि गौला नदी किनारे बसे लोगों को बांस के पौधों का रोपण करने को जागरूक करने का प्रयास करेंगे। तटबंध बरसात में तबाह हो जाते हैं। प्राकृतिक तटबंध बनने पर लोगों के खेतों का कटान भी रुक जाएगा और लोगों को उक्त पौधों से रोजगार भी मिलेगा। इस संबंध में डीएम व डीएफओ हल्द्वानी से बात की है। जल्द ही वह बांस बोर्ड उत्तराखंड से मिलकर इस पर काम करेंगे। रमेश गोस्वामी, बसंत बल्लभ पांडे, शंकर राम, हेमा कांडपाल व विनीत बसनायत सदस्य चुना गया। वहां वन अधिकार समिति के सचिव भुवन भट्ट, सदस्य कुंदन सिंह चुफाल, संरक्षक श्याम सिंह रावत, भूतपूर्व सैनिक संगठन से कैप्टन चंचल सिंह कोरंगा, बलवंत सिंह बिष्ट, पप्पू कोश्यारी आदि थे।
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बिंदुखत्ता क्षेत्र में वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत जैव विविधता समिति का गठन किया है, जो क्षेत्र में प्राचीन पौधों, बीजों, रोजगारपरक पौधों, पूर्वजों से चले आ रहे स्वास्थ्यवर्धक रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले पौधे को संरक्षण व संवर्धन करने में अपनी भूमिका निभाएगी। नवनिर्वाचित अध्यक्ष भट्ट ने बताया कि गौला नदी किनारे बसे लोगों को बांस के पौधों का रोपण करने को जागरूक करने का प्रयास करेंगे। तटबंध बरसात में तबाह हो जाते हैं। प्राकृतिक तटबंध बनने पर लोगों के खेतों का कटान भी रुक जाएगा और लोगों को उक्त पौधों से रोजगार भी मिलेगा। इस संबंध में डीएम व डीएफओ हल्द्वानी से बात की है। जल्द ही वह बांस बोर्ड उत्तराखंड से मिलकर इस पर काम करेंगे। रमेश गोस्वामी, बसंत बल्लभ पांडे, शंकर राम, हेमा कांडपाल व विनीत बसनायत सदस्य चुना गया। वहां वन अधिकार समिति के सचिव भुवन भट्ट, सदस्य कुंदन सिंह चुफाल, संरक्षक श्याम सिंह रावत, भूतपूर्व सैनिक संगठन से कैप्टन चंचल सिंह कोरंगा, बलवंत सिंह बिष्ट, पप्पू कोश्यारी आदि थे।
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