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Udham Singh Nagar News: पुलिया पर नहीं है क्रैश बैरियर और डेलीनेटर, नीचे उतर जा रहे वाहन
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काशीपुर। बाजपुर रोड पर बनी एक पुलिया आवागमन के लिए खतरनाक साबित हो रही है। यहां पर क्रैश बैरियर और डेलीनेटर न होने के कारण लोगों के साथ आए दिन हादसा हो रहा है। अंधेरे और कोहरे में इस पुलिया से गुजरना ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है।
बाजपुर रोड स्थित हेमपुर इस्माइल क्षेत्र में बहला नदी बहती है। नदी के ऊपर बनी पुलिया यूं तो यातायात सुगमता के ली थी, लेकिन विभागों के बीच फाइल अटकने से यह ट्रैफिक के लिए घातक साबित हो रही है।
दरअसल, यह सड़क एनएचएआई विभाग के अंडर में आती थी। फोरलेन बनने के बाद इस सड़क को स्टेट हाईवे में ट्रांसफर होना था लेकिन कागजों में यह अभी भी एनएचएआई के हवाले है। ऐसे में यहां पर न तो क्रैश बेरियर लगाए गए हैं और न ही डेलीनेटर। पुलिया का मार्ग भी टेढ़ा है।
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ऐसे में रात के वक्त और कोहरे में गुजरने वाले वाहनों को पुलिया पर चढ़ते वक्त सड़क का सही अंदाजा नहीं लग पाता। इससे वह कई बार सड़क के बजाय पुलिया से नीचे गाड़ी उतार देते हैं। वहीं सड़क पर बनी सफेद पट्टी भी लगभग मिट चुकी है। सड़क किनारे बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं। देखरेख के अभाव में लोगों को अपनी जान जोखिम में डालना पड़ रहा है।
नेशनल हाईवे से सड़क स्टेट हाईवे में ट्रांसफर करने का प्रस्ताव भेजा गया है। ट्रांसफर होने में देर लगती है, तो हम पीडब्ल्यूडी विभाग के बजट से क्रैश बैरियर और डेलीनेटर लगवाने का कार्य एक-दो महीने में कर देंगे। - परवेज आलम, सहायक अभियंता, पीडब्ल्यूडी
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बाजपुर रोड स्थित हेमपुर इस्माइल क्षेत्र में बहला नदी बहती है। नदी के ऊपर बनी पुलिया यूं तो यातायात सुगमता के ली थी, लेकिन विभागों के बीच फाइल अटकने से यह ट्रैफिक के लिए घातक साबित हो रही है।
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दरअसल, यह सड़क एनएचएआई विभाग के अंडर में आती थी। फोरलेन बनने के बाद इस सड़क को स्टेट हाईवे में ट्रांसफर होना था लेकिन कागजों में यह अभी भी एनएचएआई के हवाले है। ऐसे में यहां पर न तो क्रैश बेरियर लगाए गए हैं और न ही डेलीनेटर। पुलिया का मार्ग भी टेढ़ा है।
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ऐसे में रात के वक्त और कोहरे में गुजरने वाले वाहनों को पुलिया पर चढ़ते वक्त सड़क का सही अंदाजा नहीं लग पाता। इससे वह कई बार सड़क के बजाय पुलिया से नीचे गाड़ी उतार देते हैं। वहीं सड़क पर बनी सफेद पट्टी भी लगभग मिट चुकी है। सड़क किनारे बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं। देखरेख के अभाव में लोगों को अपनी जान जोखिम में डालना पड़ रहा है।
नेशनल हाईवे से सड़क स्टेट हाईवे में ट्रांसफर करने का प्रस्ताव भेजा गया है। ट्रांसफर होने में देर लगती है, तो हम पीडब्ल्यूडी विभाग के बजट से क्रैश बैरियर और डेलीनेटर लगवाने का कार्य एक-दो महीने में कर देंगे। - परवेज आलम, सहायक अभियंता, पीडब्ल्यूडी