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गुरुद्वारा प्रधान को लेकर विवाद फिर से सुर्खियों में
अमर उजाला ब्यूरो नानकमत्ता।
Updated Fri, 22 Jun 2018 12:29 AM IST
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गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब के प्रबंधन को लेकर धार्मिक स्थल फिर एक बार सुर्खियों में आ गया है। प्रबंधन कमेटी के वर्तमान प्रधान का कार्यकाल बृहस्पतिवार को समाप्त हो गया है। उपप्रधान को प्रधान का चार्ज देने के मामले में निलंबन का पेच फंस रहा है। विवाद को देखते हुए क्षेत्र में अशांति के माहौल की आशंका बनी है।
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गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब की प्रबंधन कमेटी के प्रधान पद को लेकर मामले ने बृहस्पतिवार को फिर तूल पकड़ लिया। 18 वर्षों के रिसीवर के कार्यकाल के बाद उच्च न्यायालय नैनीताल के आदेश पर वर्ष 2016 में चुनाव अधिकारी बनाए गए उच्च न्यायालय के सब रजिस्ट्रार कुंवर अमरिंदर सिंह की देखरेख में चुनाव संपन्न कराए गए थे।
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चुनाव में किसी भी गुट को पूर्ण रूप से बहुमत प्राप्त नहीं हो पाया था। जिस पर चुनाव अधिकारी ने सर्वसम्मति से प्रथम डेढ़ वर्ष के लिए जसविंदर सिंह गिल को प्रधान तथा सेवा सिंह को उपप्रधान चुना था। डेढ़ वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के बाद गिल को उपप्रधान तथा सेवा सिंह को प्रधान बनाने पर सहमति बनी थी।
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कमेटी में प्रीतम सिंह संधू को महासचिव तथा केहर सिंह को सचिव चुना गया था। पदाधिकारियों और सदस्यों ने 22 दिसंबर 2016 को पदभार ग्रहण किया। उपप्रधान, महासचिव और सचिव को गुरुद्वारा साहिब में मर्यादा के विरुद्ध कार्य करने तथा गुरुनानक बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य के तीनों पदाधिकारियों के खिलाफ थाने में मुकदमा पंजीकृत कराने पर प्रधान ने तीनों को 22 नवंबर 2017 को निलंबित कर दिया था।
उसी दिन कमेटी के सदस्यों की सहमति से जरनैल सिंह को उपप्रधान, सरदार धन्ना सिंह को महासचिव तथा भाई पाल सिंह को सचिव नियुक्त किया। जसविंदर सिंह गिल के प्रधान पद पर कार्यकाल को 21 जून 2018 को डेढ़ वर्ष पूर्ण हो गया। प्रधान पद का स्थानांतरण सेवा सिंह के निलंबन के चलते विवाद में आ गया है।
गुरुद्वारा प्रबंधन को लेकर पूर्व में तराई सिख महासभा ने पूरे जिले में कई बार आंदोलन चलाया था। उसका संज्ञान लेते हुए डीएम डॉ. नीरज खैरवाल ने प्रधान पद का स्थानांतरण शांतिपूर्वक कराने के लिए गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के चुने सदस्यों की बैठक बुलाई है। गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी में उपजे विवाद को देखते हुए क्षेत्र के लोगों में फिर अशांति फैलने की आशंका को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। मामले में खुफिया विभाग के अधिकारी तथा पुलिस प्रशासन अपनी नजर गड़ाए हुए हैं।
संविधान के तहत मैं पांच साल के लिए चुना गया हूं : गिल
नानकमत्ता। प्रबंधन कमेटी के प्रधान जसविंदर सिंह गिल ने प्रेस को जारी एक बयान में बताया कि वर्ष 2016 में उच्च न्यायालय ने गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब की प्रबंधन कमेटी के 1987 में बने संविधान के आधार पर ही चुनाव कराए थे। गुरुद्वारा संविधान के अनुसार प्रधान, उपप्रधान, सचिव तथा महासचिव पांच साल के लिए चुने गए थे। निवर्तमान चुनाव अधिकारी ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए पांच वर्ष के कार्यकाल को डेढ़ वर्ष और उसके बाद साढ़े तीन वर्षों में बांट दिया था। जो कि संविधान विरुद्ध है।