रुद्रपुर: चालान काटने की जगह, रिश्वत से भरी जेब...एसआई-एएसआई निलंबित, जानें पूरा मामला
नैनीताल रोड पर बिना हेलमेट बाइक सवार युवकों को रोककर चालान करने के बजाय रुपये लेने के मामले में जांच के बाद आरोप सही पाए गए। इसके चलते एसएसपी अजय गणपति ने एसआई राम सिंह और एएसआई बलवंत सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
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यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान रिश्वत लेने के आरोप में एसआई और एएसआई पर गाज गिरी है। नैनीताल रोड पर बिना हेलमेट बाइक सवार युवकों को रोककर चालान करने के बजाय रुपये लेने के मामले की जांच में आरोप सही पाए गए। इसके बाद एसएसपी अजय गणपति ने एसआई राम सिंह और एएसआई बलवंत सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
पुलिस के अनुसार बुधवार को शहर में यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए यातायात पुलिस के साथ अन्य पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई थी। इसी दौरान नैनीताल रोड पर एसआई राम सिंह और एएसआई बलवंत सिंह ने बिना हेलमेट बाइक सवार कुछ युवकों को रोक लिया। आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मियों ने युवकों से बातचीत की। नियमों के उल्लंघन पर चालान करने के बजाय उन्हें छोड़ दिया गया। बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान बाइक सवार युवक ने पुलिस की बुलेट की डिग्गी में कुछ रुपये डाल दिए। इसके बाद एसआई वहां पहुंचे और बुलेट लेकर चले गए। मौके पर हुई इस पूरी घटना की जानकारी पुलिस अधिकारियों तक पहुंची तो मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए गए। जांच के बाद यातायात निरीक्षक ने एसआई राम सिंह और एएसआई बलवंत सिंह के विरुद्ध रिपोर्ट तैयार कर एसएसपी अजय गणपति को भेजी। रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होने के बाद एसएसपी ने दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की।
दिन से रात तक जाम, ट्रैफिक पुलिस रिश्वत लेने में मदहोश
ऊधमसिंह नगर में एक बार फिर भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति फेल हो गई। रिश्वत की भूख ने कानून व्यवस्था को तो चोट पहुंचाई। साथ ही खाकी के दामन पर रिश्वत का एक बार फिर दाग लगा दिया।
बुधवार को एक तरफ जहां रुद्रपुर में ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई थी। दो से तीन घंटे तक लोग जाम में फंसे हुए थे। उस समय ट्रैफिक पुलिस की जिम्मेदारी थी कि शहर को जाम मुक्त कराया जाए ताकि लोग अपने गंतव्य तक पहुंच सके। वहीं दूसरी ओर ट्रैफिक पुलिस के दारोगा युवकों से रिश्वत ले रहे थे। उनका कर्तव्य था कि वह हेलमेट न पहनने पर चालानी कार्रवाई करें लेकिन उन्हें तो अपनी जेब गरम करनी थी। मामला तब सामने आया जब एक महिला ने अपने ऑफिस से इसकी वीडियो बना ली और वायरल कर दी। पुलिस की ओर से लोगों से रिश्वत लेने का यह पहला मामला नहीं है। छह महीने पहले भी दिनेशपुर थाने में तैनात एसआई को हल्द्वानी विजिलेंस ने 15 हजार की रिश्वत लेते हुए पकड़ा था। यह पैसे बिजली चोरी की प्राथमिकी वापस लेने के नाम पर लिए गए थे और वर्ष 2024 में भी केलाखेड़ा में तैनात दारोगा को भी शिकायतकर्ता से मुकदमा न लिखने के एवज में चार हजार की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था।
प्रकरण की जांच रिपोर्ट के आधार पर एसआई राम सिंह और एएसआई बलवंत सिंह को निलंबित किया गया है। ड्यूटी के दौरान लापरवाही और रिश्वत लेने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। -अजय गणपति, एसएसपी